
Sensex सपाट, फिर भी ₹3.86 लाख करोड़ बढ़े: Smallcap 2.7% उछला | शेयर बाज़ार का लेखा-जोखा | 27 अक्टूबर 2026
27 अक्टूबर को Sensex पूरे दिन की मेहनत के बाद सिर्फ़ 8 अंक नीचे बंद हुआ, लेकिन निवेशकों की झोली में करीब 3 लाख 86 हज़ार करोड़ रुपये आ गए। पिछले बुधवार ठीक उलटा हुआ था: Sensex सिर्फ़ 143 अंक गिरा था और दौलत 5 लाख 65 हज़ार करोड़ घटी थी। SanjeevniTV के कार्यक्रम “शेयर बाज़ार का लेखा-जोखा” की इस रिपोर्ट में पढ़िए कि सपाट index के नीचे क्या चल रहा था।
मुख्य बातें
- Sensex 8.08 अंक (0.01%) फिसलकर 73,598.67 पर; Nifty 50 3.45 अंक नीचे 22,749.75 पर; Bank Nifty 0.72% टूटकर 53,974.90 पर, 54,000 के नीचे।
- Smallcap 100 2.69% और Midcap 100 1.00% चढ़े; Media 3.66% उछला।
- 2,455 शेयर चढ़े, 1,103 गिरे (ratio करीब 2.23); साल के निचले स्तर वाले शेयर 443 से घटकर 157।
- Market cap 455.58 लाख करोड़ रुपये; दो दिन में करीब 7.61 लाख करोड़ लौटे।
- सोमवार को FIIs ने करीब 1,462 करोड़ रुपये के शेयर बेचे; अक्टूबर में अब तक करीब 4.75 अरब डॉलर की निकासी।
शांत बत्तख, तेज़ पैर
तालाब में तैरती बत्तख ऊपर से शांत दिखती है, लेकिन पानी के नीचे उसके पैर तेज़ी से चलते हैं। इस दिन Sensex और Nifty वही शांत बत्तख थे, और नीचे हज़ारों छोटे-मझोले शेयर तेज़ी से पैर चला रहे थे। यानी “Sensex सपाट बंद हुआ” सुनकर यह मान लेना गलत है कि बाज़ार में कुछ हुआ ही नहीं।
सपाट रहने की वजहें: यह Expiry का दिन था, यानी Futures और Options सौदों के हिसाब-किताब का दिन, जब खींचतान ज़्यादा होती है पर घर वहीं का वहीं रहता है। बड़े शेयरों में दो तरफ़ की खींचतान रही: Pharma, Realty और Media ऊपर, IT और प्राइवेट बैंक नीचे। Brent 114 डॉलर के ऊपर रहा, Saudi Arabia पर हमलों से सप्लाई का डर बना है, और 28 अक्टूबर के Federal Reserve फैसले से पहले बड़े खिलाड़ियों ने हाथ रोके।
Sectors: भारी वज़न वालों ने index रोका
Media 3.66%, Realty 1.94%, Pharma 1.91% और Auto 1.48% चढ़े; FMCG, Metal और PSU Bank में भी बढ़त रही। लेकिन Private Bank 0.73% और IT 0.26% नीचे रहे। Nifty की 50 कंपनियाँ बराबर नहीं गिनी जातीं: जिसकी बाज़ार कीमत जितनी बड़ी, index में उसकी आवाज़ उतनी ऊँची। बैंक और IT सबसे बड़ी आवाज़ें हैं, इसलिए बाकी sectors के शोर के बावजूद index आगे नहीं बढ़ा।
Smallcap 100 की 2.69% छलांग पर एक बात याद रखें: लहर आए तो छोटी नाव बड़े जहाज़ से ऊँची उछलती है, लेकिन लहर उतरे तो वही सबसे गहरी गिरती है।
सितारे और दबाव वाले शेयर
Top gainers में Tata Consumer (6.78%, ठीक 1,000 रुपये पर), Bharti Airtel (3.20%), Bajaj Auto (3.17%), BSE (2.44%, लगातार दूसरे दिन) और Trent (2.42%) रहे। Tata Consumer सोमवार को top losers में था। Top losers में Asian Paints (1.94%), Coal India (1.73%), Grasim (1.67%), SBI (1.63%) और TCS (1.50%) रहे; यानी गिरने वालों की चोट 2% से कम और चढ़ने वालों का जोश करीब 7% तक।
बाज़ार की अंदरूनी सेहत
NSE पर 3,665 शेयरों में कारोबार हुआ: 2,455 चढ़े, 1,103 गिरे और 107 अपनी जगह रहे। 180 शेयरों में upper circuit लगा, सोमवार के 91 से लगभग दोगुना। सबसे राहत वाला आंकड़ा: साल के निचले स्तर पर पहुँचे शेयर शुक्रवार 691, सोमवार 443 और इस दिन सिर्फ़ 157। हालाँकि साल की ऊँचाई छूने वाले अभी सिर्फ़ 28 हैं।
Market cap 451.72 से बढ़कर 455.58 लाख करोड़ रुपये (करीब 4.79 trillion डॉलर) हुआ, लेकिन पिछले बुधवार के 458.02 लाख करोड़ से अब भी करीब 2.44 लाख करोड़ पीछे है। Registered client accounts एक दिन में 1,20,507 बढ़कर 27,49,69,400 हुए, यानी 27.5 करोड़ के करीब।
दुनिया: Fed और Iran
Fed सख्त रुख दिखाए तो dollar मज़बूत होगा और भारत से विदेशी पैसा और निकल सकता है। Tehran में Iran, Saudi Arabia, Pakistan और Turkey के अधिकारियों की पहली साझा बैठक हुई और बातचीत जारी रखने पर सहमति बनी; Pakistan के सेना प्रमुख ने एक प्रस्ताव भी रखा। लेकिन Iran के एक वरिष्ठ सांसद ने कहा कि नाकेबंदी हटाने, पाबंदियाँ खत्म करने और फँसा पैसा लौटाने समेत 7 शर्तें माने बिना अमेरिका से बातचीत नहीं होगी, और Hormuz की व्यवस्था पहले जैसी नहीं लौटेगी।
MCX पर सोना 0.39% फिसलकर 1,42,519 रुपये और चाँदी 1.24% टूटकर 1,93,358 रुपये पर रही। WTI 100.9 डॉलर और Brent 114.6 डॉलर पर रहा। आपकी SIP भले भारत में चल रही हो, उसकी हवा दुनिया भर से आती है।
आगे किन बातों पर नज़र रखें
- Federal Reserve का फ़ैसला: पूरा दिन बाज़ार इसी इंतज़ार में रह सकता है।
- Brent का 114 डॉलर से नीचे आना।
- दो दिन की तेज़ी के बाद Midcap-Smallcap में ख़रीदारी टिकती है या मुनाफ़ावसूली आती है।
- बैंक शेयर: बड़े बैंकों में ख़रीदारी लौटे बिना बड़े index का आगे बढ़ना मुश्किल।
आज का सबक: Expiry के दिन के शोर को बाज़ार की दिशा मत समझिए। Smallcap में उतना ही पैसा रखिए जितने का झटका शांति से सह सकें, क्योंकि जो पिछले बुधवार 2.37% टूटा था, वही इस दिन 2.69% उछला। और बड़े फ़ैसलों से ठीक पहले बड़े दाँव न लगाएँ: धैर्य सबसे सस्ता है, और सबसे क़ीमती भी।
स्रोत: NSE और BSE के closing आंकड़े; MCX; exchange का provisional FII data; Reuters और अन्य वित्तीय मीडिया की रिपोर्टिंग। आंकड़े 27 अक्टूबर 2026 के बाज़ार बंद होने तक के हैं।
यह लेख सिर्फ जानकारी और समझ के लिए है। यह निवेश की सलाह नहीं है।
