
चार दिन बाद बाज़ार की करवट: ₹3.75 लाख करोड़ लौटे, Dr Reddy’s 6.6% उछला | शेयर बाज़ार का लेखा-जोखा | 26 अक्टूबर 2026
26 अक्टूबर को लगातार चार कारोबारी दिन की गिरावट के बाद शेयर बाज़ार ने करवट ली और निवेशकों की झोली में करीब 3 लाख 75 हज़ार करोड़ रुपये लौट आए। लेकिन पूरा हिसाब देखें तो बाज़ार की कुल कीमत पिछले बुधवार से अब भी करीब 6 लाख 30 हज़ार करोड़ रुपये कम है, और तेज़ी के दिन भी 443 शेयर साल भर के सबसे निचले स्तर पर रहे। SanjeevniTV के कार्यक्रम “शेयर बाज़ार का लेखा-जोखा” की इस रिपोर्ट में पढ़िए दिन का पूरा हिसाब।
मुख्य बातें
- Sensex 482.92 अंक (0.66%) चढ़कर 73,606.75 पर; Nifty 50 153.20 अंक (0.68%) ऊपर 22,753.20 पर; Bank Nifty सिर्फ़ 0.15% ऊपर 54,366.70 पर।
- Metal (2.21%) और Pharma (1.76%) सबसे आगे; सिर्फ़ Media लाल।
- Dr Reddy’s का मुनाफ़ा करीब 31% घटा, फिर भी शेयर 6.62% उछला; Shriram Finance का मुनाफ़ा 59% बढ़ा, फिर भी 4.62% गिरा।
- Market cap 447.97 से बढ़कर 451.72 लाख करोड़ रुपये; 16 अक्टूबर से अब भी करीब 16.76 लाख करोड़ कम।
- Rupee करीब 25 पैसे कमज़ोर होकर करीब 95.19 प्रति डॉलर; Brent 114.8 डॉलर।
बाज़ार चढ़ा क्यों
चार वजहें रहीं। पहली, Metal और Pharma शेयरों में ज़ोरदार ख़रीदारी, जिसमें JSW Steel और Dr Reddy’s ने बाज़ार को आगे खींचा। दूसरी, कच्चे तेल में थोड़ी नरमी: शुक्रवार को Brent करीब 117 डॉलर तक गया था, जो मार्च के बाद का सबसे ऊँचा स्तर बताया गया। तीसरी, Iran को लेकर कूटनीति में हलचल: Qatar के मध्यस्थ रविवार को Tehran पहुँचे, और Saudi Arabia, Pakistan और Turkey के बड़े अधिकारी भी बातचीत के लिए पहुँचने वाले थे। चौथी, चार दिन की गिरावट के बाद कई शेयर सस्ते दिखने लगे थे।
लेकिन लगातार गिरावट के बाद पहली तेज़ी का मतलब यह नहीं कि बाज़ार ने तल छू लिया। तल का पता हमेशा बाद में चलता है। Brent अब भी 114 डॉलर से ऊपर है, और महँगा तेल व कमज़ोर rupee मिलकर दोहरी मार करते हैं, क्योंकि भारत का सबसे बड़ा विदेशी सामान कच्चा तेल ही है।
Sectors: एक तस्वीर, जो पूरी पलट गई
Metal 2.21%, Pharma 1.76%, IT 0.87% और Realty 0.68% चढ़े; Private Bank, Auto, PSU Bank और FMCG में हल्की बढ़त रही, और अकेला Media 0.34% नीचे रहा। पिछले सोमवार और बुधवार को सिर्फ़ एक-एक sector हरा था; इस दिन सिर्फ़ एक sector लाल। Midcap 100 में 1.19% और Smallcap 100 में 1.38% की तेज़ी रही, यानी छोटे शेयरों ने बड़ों से ज़्यादा दम दिखाया।
नतीजे बनाम उम्मीदें: Dr Reddy’s और Shriram Finance
Top gainers में Dr Reddy’s (6.62%), JSW Steel (6.28%), BSE (3.97%), Adani Ports (2.92%) और Eternal (2.57%) रहे; BSE और Eternal पिछले बुधवार top losers में थे। Top losers में Shriram Finance (4.62%), Tata Consumer (2.84%), Bajaj Finance (1.10%), HDFC Life (0.91%) और HDFC Bank (0.69%) रहे।
Dr Reddy’s का तिमाही मुनाफ़ा करीब 31% घटा, फिर भी शेयर उछला, क्योंकि बाज़ार शायद बुरी खबर की कीमत पहले ही लगा चुका था। उलटी कहानी Shriram Finance की रही: मुनाफ़ा करीब 59% बढ़ा, लेकिन asset quality से निवेशक निराश हुए। Asset quality यानी दिया हुआ कर्ज़ कितने भरोसे से वापस आएगा; किराना दुकान की बिक्री बढ़े लेकिन उधार खाते में न लौटाने वालों के नाम बढ़ें, तो दुकानदार खुश नहीं, परेशान होता है।
बाज़ार की अंदरूनी सेहत
NSE पर 3,681 शेयरों में कारोबार हुआ: 2,062 चढ़े, 1,525 गिरे और 94 अपनी जगह रहे, यानी advance-decline ratio करीब 1.35। शुक्रवार को सिर्फ़ 622 शेयर चढ़े थे और 2,994 गिरे थे। लेकिन हरे दिन के बावजूद सिर्फ़ 91 शेयरों में upper circuit और 183 में lower circuit लगा। साल के निचले स्तर पर पहुँचे शेयर पिछले बुधवार 362, शुक्रवार 691 और इस दिन 443 रहे, जबकि साल की ऊँचाई छूने वाले सिर्फ़ 20। बारिश थमी है, पर छत अभी कई जगह से टपक रही है।
Registered client accounts 27,44,85,977 से बढ़कर 27,48,48,893 हो गए, यानी 3,62,916 नए खाते (यह खातों की गिनती है, लोगों की नहीं)। गिरावट के दिनों में भी लोग बाज़ार के करीब आ रहे हैं।
दुनिया, तेल और सोना
इस हफ्ते सबकी नज़र अमेरिका के Federal Reserve के फैसले पर है; दर बढ़ने पर पैसा अमेरिका की तरफ़ खिंचता है। President Trump ने कहा कि वे सोच रहे हैं कि Iran से समझौता करें या लड़ाई को अंजाम तक ले जाएँ। Weekend में Houthi ने फिर Saudi Arabia के हवाई अड्डों और ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाया, और भारत बड़ी मात्रा में तेल Saudi Arabia से खरीदता है।
MCX पर सोना 0.58% चढ़कर 1,42,850 रुपये पर रहा और चाँदी 1,95,711 रुपये पर टिकी रही। WTI 2.20% गिरकर 101 डॉलर और Brent 1.60% फिसलकर 114.8 डॉलर पर रहा: तेल थोड़ा ठंडा हुआ, पर गर्मी गई नहीं।
आगे किन बातों पर नज़र रखें
- क्या तेज़ी टिकती है: अगले दिन भी Midcap-Smallcap में ख़रीदारी भरोसा मज़बूत करेगी।
- Iran पर Trump का फ़ैसला और Tehran में चल रही बातचीत।
- Brent: 114 डॉलर से जितना नीचे, बाज़ार को उतनी राहत।
- इसी हफ्ते अमेरिकी Federal Reserve का फ़ैसला।
आज का सबक: शेयर की कीमत नतीजों से नहीं, नतीजों और उम्मीदों के फ़र्क़ से चलती है, इसलिए सिर्फ़ headline पढ़कर फ़ैसला न करें। कर्ज़ देने वाली कंपनियों में मुनाफ़े के साथ कर्ज़ की सुरक्षा भी देखें। और एक हरा दिन पूरी कहानी नहीं होता; डर में लिया गया फ़ैसला अक्सर ग़लत समय पर होता है।
स्रोत: NSE और BSE के closing आंकड़े; MCX; Reuters और अन्य वित्तीय मीडिया की रिपोर्टिंग। आंकड़े 26 अक्टूबर 2026 के बाज़ार बंद होने तक के हैं।
यह लेख सिर्फ जानकारी और समझ के लिए है। यह निवेश की सलाह नहीं है।
