
Jio Listing के दिन ₹12.82 लाख करोड़ बढ़े, फिर भी Sensex 352 अंक क्यों गिरा? | शेयर बाज़ार का लेखा-जोखा | 28 अक्टूबर 2026
28 अक्टूबर को बाज़ार की कुल कीमत करीब 12 लाख 82 हज़ार करोड़ रुपये बढ़ गई, लेकिन उसी दिन Sensex 352 अंक गिरा। जवाब यह है कि बाज़ार के परिवार में एक नया और बहुत बड़ा सदस्य जुड़ा: Jio Platforms शेयर बाज़ार में list हुई और पहले ही दिन देश की दूसरी सबसे क़ीमती कंपनी बन गई। SanjeevniTV के कार्यक्रम “शेयर बाज़ार का लेखा-जोखा” की इस रिपोर्ट में पढ़िए कि क्या सच में निवेशकों की जेब में 12 लाख करोड़ आए।
मुख्य बातें
- Sensex 352.64 अंक (0.48%) फिसलकर 73,246.03 पर; Nifty 50 50.90 अंक नीचे 22,698.85 पर; Bank Nifty 0.54% चढ़कर 54,267.40 पर।
- Jio का IPO भाव 1,119 रुपये, listing 1,358 रुपये पर (करीब 21% ऊपर); listing के समय market cap करीब 12.5 लाख करोड़ रुपये।
- उसी दिन Reliance 3.19% और Infosys 3.43% टूटे; Nifty IT करीब 2% गिरा।
- Market cap 455.58 से 468.40 लाख करोड़ रुपये, लेकिन बढ़त का बड़ा हिस्सा Jio के जुड़ने से।
- Houthi का Saudi Arabia की सबसे बड़ी refinery पर हमला; Brent एक समय 116 डॉलर के ऊपर।
दिन भर का सफ़र
Sensex Nifty से दोगुना ज़्यादा गिरा, क्योंकि उसमें सिर्फ़ 30 कंपनियाँ हैं और जिन पर मार पड़ी, जैसे Reliance और Infosys, उनका वज़न Sensex में और भारी है। एक समय Sensex 1% से ज़्यादा टूटकर 72,600 के आसपास पहुँचा, फिर नीचे से 700 अंक से ज़्यादा संभला।
सुबह की गिरावट की वजहें: Houthi का Saudi Arabia की सबसे बड़ी refinery पर हमला; Wall Street Journal की रिपोर्ट कि अमेरिका ने West Asia के देशों को 3 नवंबर के चुनावों के बाद सैन्य तनाव बढ़ने के लिए तैयार रहने को कहा है, जिससे Hormuz के रास्ते तेल सप्लाई का डर बढ़ा; IT शेयरों में भारी बिकवाली; और रात को आने वाला Federal Reserve का फ़ैसला। बैंक, Auto और L&T के अच्छे नतीजों ने बाज़ार को सहारा दिया।
Jio Platforms: चाबी वाला दिन
जिन्हें IPO में 1,119 रुपये पर शेयर मिले थे, उनके लिए यह नई सोसाइटी में बुक किए फ़्लैट की चाबी मिलने जैसा दिन था, जब पता चले कि उसी फ़्लैट की बाज़ार में कीमत 21% ज़्यादा है। Jio पहले ही दिन Bharti Airtel और HDFC Bank को पीछे छोड़कर देश की दूसरी सबसे क़ीमती कंपनी बनी, और शाम तक listing भाव से भी करीब 4.5% ऊपर टिकी रही।
उसी दिन मूल कंपनी Reliance का शेयर 3% से ज़्यादा टूटा। इसकी कोई एक पक्की वजह सामने नहीं आई, लेकिन ऐसा अक्सर देखा जाता है: जब तक बेटी कंपनी अलग से नहीं बिकती, उसमें हिस्सा पाने का रास्ता मूल कंपनी का शेयर होता है; बेटी कंपनी खुद बाज़ार में आए तो कुछ निवेशक सीधे उसी को खरीदना पसंद करते हैं। ऊपर से तेल की तेज़ी और बड़े शेयरों की बिकवाली का दबाव भी रहा।
12.82 लाख करोड़ की पहेली
Market cap 455.58 से बढ़कर 468.40 लाख करोड़ रुपये (करीब 4.92 trillion डॉलर) हुआ, लेकिन इसका बड़ा हिस्सा Jio का है, जिसकी कीमत listing के समय ही करीब 12.5 लाख करोड़ आँकी गई। घर में एक नया सदस्य नौकरी पर लग जाए तो घर की कुल आमदनी अचानक बढ़ी दिखती है, लेकिन बाकी सदस्यों की तनख्वाह उतनी ही रहती है। इसलिए जब कोई कहे कि आज निवेशकों ने 12 लाख करोड़ कमाए, तो पूछिए: कौन से निवेशकों ने?
Sectors और शेयर
Auto 1.45%, Media 1.38% और Pharma 1.04% चढ़े; IT 1.98% टूटा, Realty, FMCG और Metal भी फिसले। Midcap 100 में 0.43% और Smallcap 100 में 0.90% की बढ़त रही, यानी Smallcap लगातार तीसरे दिन हरा रहा।
Top gainers में Apollo Hospitals (4.43%), L&T (3.72%), Trent (3.31%), SBI Life (2.06%) और IndiGo (2.03%) रहे। L&T का तिमाही मुनाफ़ा करीब 32.5% बढ़कर 5,202 करोड़ रुपये और कमाई करीब 16% बढ़ी; देश के सबसे बड़े निर्माण ठेकेदार का मुनाफ़ा बढ़ना बताता है कि निर्माण का काम ज़ोरों पर है। Top losers में Infosys, Reliance, ONGC (2.16%), Tech Mahindra (1.92%) और Bharti Airtel (1.55%) रहे: Jio की मूल कंपनी और उसकी सबसे बड़ी प्रतिद्वंदी, दोनों दबाव में।
NSE पर 1,930 शेयर चढ़े और 1,628 गिरे (ratio करीब 1.19); 134 में upper और 99 में lower circuit लगा। साल के निचले स्तर वाले शेयर लगातार तीसरे दिन घटकर 149 रहे, और साल की ऊँचाई वाले 28 से बढ़कर 39 हुए।
दुनिया, तेल और सोना
Fed ने सख्त रुख दिखाया तो विदेशी पैसा भारत जैसे बाज़ारों से और निकल सकता है। कल तक बातचीत की मेज़ पर पड़ोसी देश बैठे थे; इस दिन की खबरें बताती हैं कि शांति की राह अभी लंबी है। MCX पर सोना 0.14% फिसलकर 1,43,939 रुपये और चाँदी 0.92% टूटकर 1,94,900 रुपये पर रही; WTI 101.3 डॉलर और Brent 114.8 डॉलर पर पहुँचा।
आगे किन बातों पर नज़र रखें
- Federal Reserve का फ़ैसला: अगली सुबह बाज़ार की पहली प्रतिक्रिया इसी पर।
- कच्चा तेल और West Asia की हर नई ख़बर।
- Jio Platforms का दूसरा दिन: listing के बाद शुरुआती दिनों में तेज़ उतार-चढ़ाव आम है।
- IT शेयर संभलते हैं या दबाव बढ़ता है।
आज का सबक: बड़े आंकड़ों के पीछे की कहानी पढ़िए; market cap बढ़ने का मतलब हमेशा आपकी जेब भरना नहीं। हर बड़े IPO में listing पर मुनाफ़ा पक्का नहीं होता, और listing का एक दिन लंबी दौड़ की गारंटी नहीं। किसी कंपनी की ख़ुशी और उसके शेयर की चाल हमेशा एक दिशा में नहीं चलतीं।
स्रोत: NSE और BSE के closing आंकड़े; MCX; Jio Platforms IPO और listing के exchange आंकड़े; L&T के तिमाही नतीजे; Wall Street Journal; Reuters। आंकड़े 28 अक्टूबर 2026 के बाज़ार बंद होने तक के हैं।
यह लेख सिर्फ जानकारी और समझ के लिए है। यह निवेश की सलाह नहीं है।
