PDG दीपक तलवार के मुताबिक़ धीरज भूटानी को 50-55 से अधिक वोट नहीं मिलेंगे!

विश्वस्त सूत्रों के हवाले से और इसे डिस्ट्रिक्ट चुनावों से जुड़ी एक बड़ी Breaking News भी कहा जा सकता है
 
PDG दीपक तलवार ने कुछ मुख्य लोगों को बताया है कि धीरज भूटानी को 50-55 से अधिक वोट नहीं मिलने वाले
 
मेरा सवाल यह है कि यह बात क्या वह सच्चाई को देख कर कह रहे हैं?
 
या
उनके खिलाफ हुई दूसरी बार(दो से ज्यादा भी हो सकती हैं लेकिन मेरी जानकारी में दो ही हैं) चुनावी शिकायत के कारण उन्हें Election Committee में जगह न देने के कारण यह बात कह रहे हैं?
 
क्योंकि शिकायत से पहले वह धीरज भूटानी की ऊँगली पकड़कर रोटरी में घूम रहे थे
 
रविंदर गुगनानी जी ने प्रत्याशी के रूप में Dr Pushpa Sethi का नाम प्रस्तावित किया था और उसके लिए PDG अनूप मित्तल और DGE महेश त्रिखा दोनों सहमत भी हुए थे लेकिन मौजूदा गवरनर जीतेन्दर का यह कहना था कि मेरे वर्ष में प्रत्याशी मैं तय करूँगा न कि आगामी नेतृत्व, जबकि Dr Pushpa एक सशक्त, योग्य और काबिल उम्मीदवार साबित होती 
 
और उन्होंने अपने जैसा(5 वोट और 17 वोट) कमजोर प्रत्याशी चुनाव में उतारा क्योंकि तीनों प्रत्याशियों में से दोनों पुरुष प्रत्याशियों में यदि हम तुलना करें तो उनका रोटरी में योगदान नगण्य है, हाँ यह बात सही है कि उनके पिताजी ने रोटरी के लिए अभूतपूर्व कार्य किये हैं और उसके लिए रोटरी उनका आभारी है और होना भी चाहिए
 

यह भी सही है कि धीरज भूटानी ने चुनावों में आने से अपनी व्यस्तता करके आने से मन कर दिया था लेकिन तब की चौकड़ी जो अब तिकड़ी रह गयी है रात में उनके घर गए, मान मुन्नवल करी और जीत का भरोसा दिलाया और जब चार-चार गवर्नर आपके दरवाजे खड़े हों तो कमजोर से कमजोर प्रत्यासी अपने को गवर्नर बनता हुआ देख सकता है और ऐसा यहाँ भी हुआ

उनकी व्यस्तता को रोटेरियंस महसूस भी कर रहे हैं कि जिस तरह से प्रत्यासी रोटरी के किसी भी आयोजन में हमेशा शामिल होने का प्रयास करते हैं, कोई भी मौका नहीं छोड़ना चाहते लेकिन धीरज भूटानी अपनी व्यस्तता के चलते शामिल नहीं हो पाते और जब अभी यह हाल हैं तो गवर्नर बनने के बाद(यदि बन गए) क्या हाल होगा

 
यदि यह चौकड़ी टूट कर तिकड़ी में नहीं बदलती तब शायद यह कमजोर प्रत्यासी भी मौजूदा गवर्नर की तरह जीत जाता लेकिन चौकड़ी के टूटने से डिस्ट्रिक्ट के रोटेरियंस में यह सन्देश गया कि यह तिकड़ी मौकापरस्त है और इन पर विशवास नहीं किया जा सकता
 
अब कौन जीतेगा और कौन-कौन हारेगा इसका पता 10 मार्च को पता चल जाएगा
 

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