
भारतीय शेयर बाजार 21 मई 2026: Confusion के बीच Resilience, Smallcap और Realty Outperform; Grasim 6.43% उछला
नई दिल्ली, 21 मई 2026: गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में स्पष्ट दिशा की कमी देखी गई। सेंसेक्स 135 अंक टूटकर 75,183 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी लगभग सपाट 23,654 पर रहा। मिक्स्ड ग्लोबल संकेतों, ईरान-यूएस तनाव की अनिश्चितता और कमोडिटी मूवमेंट के बीच ब्रॉडर मार्केट में पॉजिटिव ब्रेड्थ नजर आई, जिसमें स्मॉलकैप 0.63% ऊपर बंद हुआ और रियल्टी सेक्टर 1.07% की बढ़त के साथ टॉप पर रहा।SanjeevniTV के विश्लेषण के अनुसार, आज का सत्र स्प्लिट-पर्सनैलिटी वाला था। कुछ सेक्टर्स और स्टॉक्स में मजबूत खरीदारी देखी गई, जबकि भारी वेट वाले शेयरों में बिकवाली रही। एडवांस-डिक्लाइन रेशियो 1910:1374 रहा, जो बाजार की अंतर्निहित मजबूती को दर्शाता है।
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 135.03 अंक यानी 0.18% की गिरावट के साथ 75,183.36 पर बंद हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 मात्र 4.30 अंक यानी 0.02% नीचे 23,654.70 पर रहा। बैंक निफ्टी 122.80 अंक टूटकर 53,439.40 पर बंद हुआ।मिडकैप इंडेक्स लगभग सपाट 61,300.60 पर रहा, जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स 112.15 अंक यानी 0.63% की बढ़त के साथ 17,983.05 पर बंद हुआ। यह स्मॉलकैप की आउटपरफॉर्मेंस घरेलू निवेशकों की ताकत को दिखाती है। SIP फ्लो और म्यूचुअल फंड्स की खरीदारी छोटे-मध्यम शेयरों में केंद्रित रही।
आज का सेक्टर परफॉर्मेंस बेहद विविध था। रियल्टी इंडेक्स 1.07% ऊपर 775.10 पर बंद हुआ। गोल्ड और सिल्वर में सुधार के बाद कुछ निवेशकों ने रियल एस्टेट की ओर रुख किया, जो एक ठोस संपत्ति माना जाता है।ऑटो सेक्टर 0.28% ऊपर रहा। फार्मा 0.19% और मेटल 0.20% की हल्की बढ़त के साथ पॉजिटिव बंद हुए। पीएसयू बैंक और प्राइवेट बैंक इंडेक्स में भी मामूली बढ़त दर्ज की गई।दूसरी ओर, आईटी सेक्टर 0.56% टूटा। एफएमसीजी 0.51% नीचे रहा। अमेरिकी मैक्रो अनिश्चितता और हाई इंटरेस्ट रेट एनवायरनमेंट का असर इन डिफेंसिव और ग्लोबल-लिंक्ड सेक्टर्स पर पड़ा।आज के टॉप गेनर्स: कॉर्पोरेट स्टोरीज़ ने चमकाया
ग्रासिम इंडस्ट्रीज आज निफ्टी 50 का सबसे बड़ा गेनर रहा। कंपनी के शेयर 6.43% उछलकर 3,162 रुपये पर बंद हुए। बिरला ओपस पेंट्स सेगमेंट की मजबूत ग्रोथ, सीमेंट और केमिकल्स में ठोस Q4 प्रदर्शन ने निवेशकों का विश्वास जीता।इंडिगो 3.17% ऊपर 4,400 रुपये पर बंद हुआ। क्रूड ऑयल के $106 प्रति बैरल पर नरम पड़ने से एविएशन सेक्टर को राहत मिली। अपोलो हॉस्पिटल्स 3.11% की बढ़त के साथ 8,330 रुपये पर पहुंचा। हेल्थकेयर डिमांड की स्ट्रक्चरल ग्रोथ ने सपोर्ट दिया।बजाज ऑटो 1.79% और ट्रेंट 1.78% ऊपर बंद हुए। ट्रेंट टाटा ग्रुप की रिटेल स्टोरी का मजबूत प्रॉक्सी है।
बजाज फाइनेंस 1.62% गिरकर 908 रुपये पर बंद हुआ। हाई इंटरेस्ट रेट एनवायरनमेंट से NBFC मार्जिन पर दबाव का असर दिखा। हिंदुस्तान यूनिलीवर 1.4% नीचे रहा। रिस्क-ऑन सेंटिमेंट में डिफेंसिव स्टॉक्स से प्रॉफिट बुकिंग देखी गई।टेक महिंद्रा 1.33% और इंफोसिस 1.3% टूटे। आईटी सेक्टर पर अमेरिकी मौद्रिक नीति की अनिश्चितता बनी रही। बजाज फिनसर्व भी 1.24% नीचे रहा।
वॉल स्ट्रीट कल पॉजिटिव बंद हुआ था, लेकिन आज भारतीय बाजार पर इसका सीमित प्रभाव रहा। फेडरल रिजर्व के मिनट्स में “पेशेंट अप्रोच” का जिक्र किया गया।ईरान-यूएस स्थिति स्टेलमेट बनी हुई है। कंडीशनल सीजफायर के बावजूद हॉर्मुज स्ट्रेट व्यावसायिक रूप से लगभग बंद है। यूके, फ्रांस समेत 36 देशों ने सुरक्षित नौवहन सुनिश्चित करने का संयुक्त बयान जारी किया है। पाकिस्तान की मध्यस्थता जारी है।WTI क्रूड ऑयल $106.13 प्रति बैरल पर आया, जो पिछले $110+ से नीचे है। भारत के लिए यह मामूली राहत है। रुपया 96.33 प्रति डॉलर पर ट्रेड कर रहा था।
MCX गोल्ड 0.32% गिरकर 1,59,491 रुपये प्रति 10 ग्राम पर रहा। आयात शुल्क बढ़ोतरी के बाद स्पॉट डिमांड घटी है। MCX सिल्वर भी 0.56% नीचे था।
आज की पॉजिटिव ब्रेड्थ मुख्य रूप से घरेलू निवेशकों (DIIs और रिटेल) की ताकत को दर्शाती है। FIIs ने पिछले सत्रों में मिक्स्ड रुख अपनाया था। 2026 में FIIs ने भारत से नेट निकासी की है, लेकिन ईरान डील होने पर वापसी की उम्मीद है।
निफ्टी के लिए 23,500 तत्काल सपोर्ट और 23,700-23,800 रेसिस्टेंस महत्वपूर्ण है। 24,000 के ऊपर ब्रेकआउट से रिकवरी तेज हो सकती है। स्मॉलकैप और रियल्टी सेक्टर पर नजर रखें।
इनवेस्टर्स के लिए सबक:
- मजबूत फंडामेंटल्स वाली कंपनियां मैक्रो अनिश्चितता के बावजूद अच्छा प्रदर्शन कर सकती हैं।
- कन्फ्यूज्ड मार्केट सेक्टर रोटेशन के अवसर पैदा करता है।
- रेंज-बाउंड फेज SIP निवेशकों के लिए फायदेमंद होता है।
कल की नजर ईरान से डिप्लोमैटिक अपडेट, क्रूड ऑयल के स्तर, रुपए की गति और अमेरिकी बाजारों पर रहेगी।यह रिपोर्ट SanjeevniTV के विश्लेषण पर आधारित है। निवेश निर्णय लेने से पहले SEBI-रजिस्टर्ड सलाहकार से परामर्श अवश्य लें। बाजार जोखिम के अधीन है।
