
Fed के बाद राहत: Sensex 905 अंक उछला, ₹4.72 लाख करोड़ की असली कमाई | शेयर बाज़ार का लेखा-जोखा | 29 अक्टूबर 2026
29 अक्टूबर को निवेशकों की झोली में करीब 4 लाख 72 हज़ार करोड़ रुपये आए, और इस बार यह कमाई असली थी: एक दिन पहले की तरह किसी नई कंपनी के जुड़ने से नहीं, बल्कि पुराने शेयरों के चढ़ने से। Sensex 900 अंक से ज़्यादा उछला, Nifty फिर 22,900 के पार गया और लगभग हर sector हरा रहा। SanjeevniTV के कार्यक्रम “शेयर बाज़ार का लेखा-जोखा” की इस रिपोर्ट में पढ़िए कि अमेरिका से आई किस खबर ने बाज़ार की मुस्कान लौटाई।
मुख्य बातें
- Sensex 905.01 अंक (1.24%) चढ़कर 74,151.04 पर; Nifty 50 237.90 अंक (1.05%) ऊपर 22,936.75 पर; Bank Nifty 1.18% उछलकर 54,909.65 पर।
- Federal Reserve ने दरें 3.75-4% के दायरे में स्थिर रखीं, लेकिन कहा कि महँगाई अब भी ऊँची है।
- FIIs ने बुधवार को करीब 872 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे; Adani Ports 6.29% उछला।
- साल के निचले स्तर वाले शेयर घटकर 117; साल की ऊँचाई वाले 54।
- Market cap 473.12 लाख करोड़ रुपये, करीब 4.96 trillion डॉलर; 5 trillion फिर नज़दीक।
डर का इंतज़ार, डर से भारी
पूरे हफ्ते Fed के फ़ैसले से पहले बाज़ार में वैसी ही बेचैनी थी, जैसी किसी बड़े नतीजे से पहले घर में होती है। रात को नतीजा आया, न कोई बुरी खबर, न झटका, और डर उतरते ही बाज़ार ने राहत की लंबी साँस ली। जैसे किसी जाँच की रिपोर्ट से पहले रात भर नींद न आए और सुबह रिपोर्ट normal निकले।
पिछले महीने Fed दरें बढ़ा चुका था, इसलिए फिर बढ़ने का डर था, जो सच नहीं हुआ। हालाँकि Fed ने यह भी कहा कि महँगाई अब भी ऊँची है, यानी राहत है, पूरी छुट्टी नहीं। लंबे समय से बेच रहे विदेशी निवेशकों ने बुधवार को करीब 872 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे, घरेलू संस्थाओं ने भी ख़रीदारी की। फिर भी कच्चा तेल 114 डॉलर के ऊपर है और rupee दबाव में है।
लगभग पूरे सुर में sectors
Realty 2.75%, FMCG 2.34% और PSU Bank 2.20% चढ़े; Private Bank 1.24%, Media 1.10%, IT 0.99%, Metal 0.67% और Pharma 0.64% ऊपर रहे। अकेला Auto 0.24% नीचे रहा, जो एक दिन पहले सबसे आगे था। Midcap 100 में 0.99% और Smallcap 100 में 0.95% की तेज़ी रही, यानी Smallcap लगातार चौथे दिन हरा।
Adani Ports और guidance का मतलब
Top gainers में Adani Ports (6.29%), Adani Enterprises (5.17%), Kotak Mahindra Bank (4.32%), Eternal (3.63%) और Power Grid (3.42%) रहे। Adani Ports का तिमाही मुनाफ़ा 17% से ज़्यादा बढ़ा और कंपनी ने इस साल के लिए अपनी guidance भी बढ़ाई। Guidance यानी कंपनी का अपना अनुमान कि आगे कारोबार कैसा रहेगा: कोई दुकानदार साल की शुरुआत में 10 लाख की बिक्री बताए और छह महीने बाद कहे कि अब 12 लाख बिकेगा, तो हिस्सेदार का भरोसा बढ़ता है।
Top losers में Trent (1.79%, पिछले दो दिन top gainers में), Maruti (1.32%), Bajaj Auto (0.97%), SBI Life (0.88%) और Eicher Motors (0.85%) रहे; तीन गाड़ी बनाने वाली कंपनियों की वजह से Auto अकेला लाल sector रहा, लेकिन सबसे बड़ी गिरावट भी 2% से कम थी।
बाज़ार की सेहत: बाढ़ का पानी उतर रहा है
NSE पर 2,196 शेयर चढ़े और 1,387 गिरे (ratio करीब 1.58); 140 में upper और सिर्फ़ 72 में lower circuit लगा। साल के निचले स्तर पर पहुँचे शेयर पिछले शुक्रवार 691 थे, फिर 443, 157, 149 और अब 117। बाढ़ का पानी एक दिन में नहीं उतरता, रोज़ थोड़ा-थोड़ा घटता है और सड़कें दिखने लगती हैं।
Market cap 468.40 से बढ़कर 473.12 लाख करोड़ रुपये हुआ, 16 अक्टूबर के 468.48 लाख करोड़ से भी ऊपर, हालाँकि इसमें इस बीच list हुई Jio Platforms का भी बड़ा हिस्सा है। Registered client accounts दो कारोबारी दिनों में 2,63,142 बढ़कर 27,52,32,542 हुए, यानी 27.5 करोड़ के पार।
दुनिया: बातचीत की खिड़की और उठता धुआँ
President Trump ने कहा कि उन्होंने उपराष्ट्रपति JD Vance को दवाइयों और चिकित्सा सामान की मदद के सिलसिले में Iran से संपर्क की इजाज़त दी है, लेकिन इसे शांति वार्ता दोबारा शुरू करने की कोशिश मानने से इनकार किया। Iran के विदेश मंत्री Abbas Araghchi के मुताबिक Hormuz खोलने के उनके 7 दिन वाले प्रस्ताव पर मध्यस्थों से बातचीत चल रही है, जबकि Revolutionary Guards का दावा है कि Hormuz में बारूदी सुरंगों से टकराकर तीन tankers में आग लगी।
MCX पर सोना 0.45% फिसलकर 1,43,055 रुपये और चाँदी 1.65% टूटकर 1,91,127 रुपये पर रही; WTI 101.9 और Brent 114.4 डॉलर पर रहा। शेयरों में भरोसा लौटा तो सुरक्षित ठिकाने माने जाने वाले सोने-चाँदी की चमक थोड़ी फीकी पड़ी।
आगे किन बातों पर नज़र रखें
- क्या तेज़ी टिकती है: एक दिन की राहत के बाद थोड़ी मुनाफ़ावसूली भी आम है।
- विदेशी निवेशकों की ख़रीदारी सिलसिला बनती है या एक दिन की बात थी।
- कच्चा तेल और Hormuz की हर ख़बर, और 3 नवंबर के अमेरिकी चुनाव।
- लगातार आ रहे कंपनियों के तिमाही नतीजे।
आज का सबक: डर का इंतज़ार अक्सर डर से बड़ा होता है; बड़ी घटना से पहले घबराकर सब बेच देना कई बार सबसे महँगा फ़ैसला साबित होता है। कंपनी के आज के नतीजों के साथ उसकी आगे की guidance भी सुनिए। और एक दिन की ख़रीदारी को रुझान मत समझिए: एक अच्छी बारिश से सूखा ख़त्म नहीं होता।
स्रोत: NSE और BSE के closing आंकड़े; MCX; exchange का provisional FII/DII data; US Federal Reserve; Adani Ports के तिमाही नतीजे; Reuters। आंकड़े 29 अक्टूबर 2026 के बाज़ार बंद होने तक के हैं।
यह लेख सिर्फ जानकारी और समझ के लिए है। यह निवेश की सलाह नहीं है।
