Ravindra Gautam

Ravindra Gautam SanjeevniTV के Founder और Editor-in-Chief हैं, और Hindi business पत्रकारिता का जाना-पहचाना चेहरा हैं। वे Zee Business पर business कार्यक्रम “Winners with Ravindra Gautam” के host रहे, जो बाद में News18 India और CNBC Awaaz पर भी प्रसारित हुआ। वे Aquarius Mediaa के founder हैं। आज वे SanjeevniTV के prime-time कार्यक्रम “देश, दुनिया और पैसा” के anchor हैं, जो हर रात 10 बजे देश-दुनिया की आर्थिक और geopolitical खबरों को बाज़ार, कारोबार और आम परिवार की जेब से जोड़कर पेश करता है। उनकी पत्रकारिता का ज़ोर खबर के पीछे की असली कहानी, आंकड़ों की जाँच और भरोसेमंद स्रोतों पर है।

धनतेरस 2026: सोना सस्ता, फिर भी तराज़ू पर वज़न क्यों नहीं बढ़ेगा? | 5 नवंबर 2026

GJC का अनुमान: इस धनतेरस सोने-चाँदी की बिक्री रुपये में 20-30% बढ़ सकती है, लेकिन वज़न में पिछले साल के आसपास। दाम गिरने पर भी सोना उतना सस्ता क्यों नहीं लगा?

Battery, Lithium और Nickel: ऊर्जा के अगले झटके से बचने की भारत की तैयारी | 5 नवंबर 2026

Cabinet ने 92 GWh energy storage के लिए करीब 14,500 करोड़ और lithium-nickel processing के लिए 2,814 करोड़ रुपये की योजनाएँ मंज़ूर कीं। इनसे क्या बदलेगा, क्या नहीं?

तेल सस्ता हुआ, तो क्या आपकी EMI भी घटेगी? RBI के सामने असली सवाल | 5 नवंबर 2026

Crude तेज़ी से गिरा और विदेशी पैसा लौटा, लेकिन EMI तेल के भाव से नहीं चलती। RBI की 2-4 दिसंबर की बैठक से पहले किन आंकड़ों पर नज़र रखें?

तेल गिरा, फिर भी दुनिया के Central Banks सख्त क्यों? बाज़ार और रसोई की दो घड़ियाँ | 5 नवंबर 2026

अमेरिकी चुनाव के बाद Brent एक दिन में करीब 9% गिरा, लेकिन Australia, भारत और ब्रिटेन के central banks ने सख्ती चुनी। तेल की गिरावट पर भरोसा क्यों नहीं?

तेल सस्ता, फिर भी ब्याज महँगा क्यों? Bank of England का फैसला, आपकी EMI और धनतेरस का सोना | 5 नवंबर 2026

Brent पाँच दिन में करीब 20% गिरा, फिर भी Bank of England ने ब्याज दर बढ़ाकर 4% कर दी। तेल गिरने के बाद भी महँगाई का बिल क्यों आता रहता है, और इसका आपकी EMI, FD और धनतेरस की खरीदारी से क्या रिश्ता है?

Nifty 24,500 के पार, Sensex करीब 2,000 अंक उछला: सस्ता तेल, विदेशी पैसा और बैंक | शेयर बाज़ार का लेखा-जोखा | 5 नवंबर 2026

Sensex लगातार छठे दिन चढ़ा और करीब 2,000 अंक की छलांग के साथ 79,300 के ऊपर बंद हुआ। ₹7.85 लाख करोड़ बढ़े, और चार दिनों में अक्टूबर की गिरावट से ज़्यादा दौलत लौट आई।

अमेरिका ने युद्ध को कहा NO: तेल 100 डॉलर के नीचे, पाँच दिन की तेज़ी के बाद बड़ी शुरुआत के संकेत | दुनिया से बाज़ार तक | 5 नवंबर 2026

Democrats ने House और Senate दोनों जीते, और JD Vance बोले "हम इसलिए हारे क्योंकि युद्ध हुआ"। Brent करीब 9% टूटकर 94.62 डॉलर पर आया। क्या चुनावी हार Trump को समझौते तक ले जाएगी?

अमेरिका में Blue Wave: Trump की हार, गिरता Dollar और भारत पर असर | 4 नवंबर 2026

Democrats ने अमेरिकी Congress के दोनों सदन जीते, और Trump ने माना कि महँगे petrol की इसमें भूमिका रही। Dollar गिरा, सोना चढ़ा, rupee मज़बूत हुआ। भारत के लिए H-1B, tariffs और trade deal पर क्या बदल सकता है?

तीन दिन में ₹19 लाख करोड़ की कमाई, Nifty 24,000 की दहलीज़ पर; हर 1 गिरते शेयर पर 3 चढ़े | शेयर बाज़ार का लेखा-जोखा | 4 नवंबर 2026

Sensex लगातार पाँचवें दिन चढ़ा, Nifty 24,000 से 40 अंक दूर। Advance-decline ratio 3.08, Smallcap 2% उछला, और साल की ऊँचाई व निचले स्तर वाले शेयरों का तराज़ू लगभग बराबर हुआ।

गेंद अमेरिका के पाले में: चुनाव के रुझान, तेल 103 पर और चार दिन की तेज़ी के बाद कैसी शुरुआत? | दुनिया से बाज़ार तक | 4 नवंबर 2026

ईरान ने कहा कि युद्ध रोकने की गेंद अब अमेरिका के पाले में है, Trump बोले "शायद ज़रूरत ही न पड़े"। Brent 7 अक्टूबर के बाद के निचले स्तर पर, लेकिन AI के डर में Nikkei 3% से ज़्यादा टूटा।

महँगाई का बिल कौन चुकाएगा? Sydney से Washington, Beijing और Delhi तक | 3 नवंबर 2026

Australia ने इस साल पाँचवीं बार interest rate बढ़ाया, अमेरिका में महँगाई पर वोट पड़ा, चीन बाज़ार बचाने उतरा, और भारत में बिजली की खपत रिकॉर्ड पर पहुँची। महँगाई का बिल किसके नाम कट रहा है?