Ravindra Gautam SanjeevniTV के Founder और Editor-in-Chief हैं, और Hindi business पत्रकारिता का जाना-पहचाना चेहरा हैं। वे Zee Business पर business कार्यक्रम “Winners with Ravindra Gautam” के host रहे, जो बाद में News18 India और CNBC Awaaz पर भी प्रसारित हुआ। वे Aquarius Mediaa के founder हैं। आज वे SanjeevniTV के prime-time कार्यक्रम “देश, दुनिया और पैसा” के anchor हैं, जो हर रात 10 बजे देश-दुनिया की आर्थिक और geopolitical खबरों को बाज़ार, कारोबार और आम परिवार की जेब से जोड़कर पेश करता है। उनकी पत्रकारिता का ज़ोर खबर के पीछे की असली कहानी, आंकड़ों की जाँच और भरोसेमंद स्रोतों पर है।
GJC का अनुमान: इस धनतेरस सोने-चाँदी की बिक्री रुपये में 20-30% बढ़ सकती है, लेकिन वज़न में पिछले साल के आसपास। दाम गिरने पर भी सोना उतना सस्ता क्यों नहीं लगा?
Cabinet ने 92 GWh energy storage के लिए करीब 14,500 करोड़ और lithium-nickel processing के लिए 2,814 करोड़ रुपये की योजनाएँ मंज़ूर कीं। इनसे क्या बदलेगा, क्या नहीं?
अमेरिकी चुनाव के बाद Brent एक दिन में करीब 9% गिरा, लेकिन Australia, भारत और ब्रिटेन के central banks ने सख्ती चुनी। तेल की गिरावट पर भरोसा क्यों नहीं?
Brent करीब 20% सस्ता हुआ, फिर भी Bank of England ने 2023 के बाद पहली बार ब्याज दर बढ़ाई। Governor Bailey का तर्क: pipeline में महँगाई का दबाव पहले से भरा है।
Brent पाँच दिन में करीब 20% गिरा, फिर भी Bank of England ने ब्याज दर बढ़ाकर 4% कर दी। तेल गिरने के बाद भी महँगाई का बिल क्यों आता रहता है, और इसका आपकी EMI, FD और धनतेरस की खरीदारी से क्या रिश्ता है?
Sensex लगातार छठे दिन चढ़ा और करीब 2,000 अंक की छलांग के साथ 79,300 के ऊपर बंद हुआ। ₹7.85 लाख करोड़ बढ़े, और चार दिनों में अक्टूबर की गिरावट से ज़्यादा दौलत लौट आई।
Democrats ने House और Senate दोनों जीते, और JD Vance बोले "हम इसलिए हारे क्योंकि युद्ध हुआ"। Brent करीब 9% टूटकर 94.62 डॉलर पर आया। क्या चुनावी हार Trump को समझौते तक ले जाएगी?
Democrats ने अमेरिकी Congress के दोनों सदन जीते, और Trump ने माना कि महँगे petrol की इसमें भूमिका रही। Dollar गिरा, सोना चढ़ा, rupee मज़बूत हुआ। भारत के लिए H-1B, tariffs और trade deal पर क्या बदल सकता है?
Sensex लगातार पाँचवें दिन चढ़ा, Nifty 24,000 से 40 अंक दूर। Advance-decline ratio 3.08, Smallcap 2% उछला, और साल की ऊँचाई व निचले स्तर वाले शेयरों का तराज़ू लगभग बराबर हुआ।
ईरान ने कहा कि युद्ध रोकने की गेंद अब अमेरिका के पाले में है, Trump बोले "शायद ज़रूरत ही न पड़े"। Brent 7 अक्टूबर के बाद के निचले स्तर पर, लेकिन AI के डर में Nikkei 3% से ज़्यादा टूटा।
Australia ने इस साल पाँचवीं बार interest rate बढ़ाया, अमेरिका में महँगाई पर वोट पड़ा, चीन बाज़ार बचाने उतरा, और भारत में बिजली की खपत रिकॉर्ड पर पहुँची। महँगाई का बिल किसके नाम कट रहा है?