अमेरिका का Iran पर हमला, फिर भी Sensex 1,225 अंक चढ़ा: बाज़ार डरा क्यों नहीं? | शेयर बाज़ार का लेखा-जोखा | 3 नवंबर 2026

सोमवार रात अमेरिका ने Iran पर हमला किया, और 3 नवंबर को भारतीय बाज़ार ने 1,225 अंक की छलांग लगा दी। निवेशकों की झोली में एक दिन में करीब 4 लाख 71 हज़ार करोड़ रुपये आए। युद्ध की खबर पर बाज़ार डरा नहीं, उलटा चढ़ गया। SanjeevniTV के कार्यक्रम “शेयर बाज़ार का लेखा-जोखा” की इस रिपोर्ट में पढ़िए इस पहेली का जवाब, और वह आंकड़ा जो दिखाता है कि सात कारोबारी दिनों में बाज़ार का डर कैसे पलट गया।

मुख्य बातें

  • Sensex 1,225.07 अंक (1.62%) चढ़कर 76,917.85 पर; Nifty 50 370.05 अंक (1.58%) ऊपर 23,810.85 पर, हाल के हफ्तों का सबसे ऊँचा बंद; Bank Nifty 55,540.05 पर।
  • अमेरिकी अधिकारियों ने हमले को Hormuz में जहाज़ों और अमेरिकी सेना पर हमले रोकने की सीमित कार्रवाई बताया; साथ में बातचीत की खबरें भी।
  • FMCG 3.65% उछला; BSE 5.03% चढ़कर top gainer।
  • साल के निचले स्तर वाले शेयर घटकर 94, जो 23 अक्टूबर को 691 थे।
  • चाँदी 3.74% और सोना 1.46% गिरे; तीन हफ्तों में चाँदी करीब 18% और सोना करीब 6.5% नीचे।

हमले के बावजूद तेज़ी क्यों

रात को मोहल्ले में तेज़ आवाज़ आए तो लोग खिड़की खोलकर झाँकते हैं; पता चले कि छोटी-सी झड़प थी और मामला थम गया, तो खिड़की बंद करके फिर सो जाते हैं। बाज़ार ने भी यही किया। Iran की सरकारी मीडिया ने Qeshm द्वीप और Bandar Abbas इलाक़े में धमाकों की खबर दी, लेकिन अमेरिकी अधिकारियों ने इसे बचाव की सीमित कार्रवाई बताया।

बाकी वजहें: लंबी बिकवाली के बाद विदेशी निवेशक फिर ख़रीदार बनते दिख रहे हैं; कच्चा तेल थोड़ा चढ़ने के बावजूद कुछ दिन पहले के 117 डॉलर के आसपास से काफ़ी नीचे 110 डॉलर के नीचे रहा; और FMCG व बड़े प्राइवेट बैंकों की ख़रीदारी ने index को कंधे पर उठा लिया। 23 अक्टूबर को 22,600 पर रहा Nifty करीब 1,200 अंक वापस पा चुका है।

Sectors: किराने की लिस्ट वाली कंपनियों पर भरोसा

आटा, तेल, साबुन, चाय जैसी चीज़ें महँगाई हो या मंदी, लिस्ट से नहीं कटतीं, और इस दिन बाज़ार ने इन्हीं रोज़मर्रा वाली कंपनियों पर सबसे ज़्यादा भरोसा दिखाया। FMCG 3.65%, Realty 2.33%, Private Bank 1.98% और Auto 1.71% चढ़े; Media, Pharma और IT में भी बढ़त रही। लाल निशान में सिर्फ़ PSU Bank (1.27%) और Metal (0.14%) रहे। Midcap 100 1.06% चढ़ा, जबकि Smallcap 100 सिर्फ़ 0.31%।

Top gainers में BSE (5.03%), Nestle India (4.47%), Tata Consumer (4.29%), Asian Paints (3.99%) और Bharti Airtel (3.77%) रहे। BSE खुद शेयर बाज़ार चलाती है, मेले के आयोजक की तरह: भीड़ और लेन-देन जितना ज़्यादा, कमाई उतनी ज़्यादा। Nestle 15 अक्टूबर को महँगे कच्चे माल की चुनौती के नतीजों के बाद करीब 7.8% टूटा था, और अब top gainers में था। Top losers में Power Grid (3.04%), SBI (1.70%), ONGC (1.13%), Adani Enterprises (0.84%) और Tata Steel (0.49%) रहे।

सात दिन में पलटा डर

NSE पर 2,127 शेयर चढ़े और 1,477 गिरे (ratio करीब 1.44); 136 में upper और 101 में lower circuit लगा। सबसे दिलचस्प आंकड़ा: साल के निचले स्तर पर पहुँचे शेयर सिर्फ़ 94 रहे, जो 23 अक्टूबर को 691 थे। 16 अक्टूबर को भी यही संख्या 94 थी, यानी गिरावट का पूरा चक्कर लगाकर बाज़ार की सेहत वहीं लौट आई जहाँ से सिलसिला शुरू हुआ था।

Market cap 478.39 से बढ़कर 483.10 लाख करोड़ रुपये (करीब 5.09 trillion डॉलर) हुआ। शुक्रवार से दो दिनों में करीब 12.55 लाख करोड़ रुपये बढ़े, यानी बाज़ार के करीब साढ़े बारह घंटों में हर घंटे औसतन करीब 1 लाख करोड़। Registered client accounts 1,17,824 बढ़कर 27,57,57,730 हुए।

दुनिया: बंदूक और बातचीत की चिट्ठी

3 नवंबर को अमेरिका में मध्यावधि चुनाव थे, और President Trump कह चुके थे कि Iran पर बड़ा फ़ैसला इनके बाद होगा। Iran के मुख्य वार्ताकार और संसद अध्यक्ष Mohammad Bagher Qalibaf ने कहा कि Iran ने अमेरिका को ठोस जवाब दे दिया है और अब युद्ध रोकने की ज़िम्मेदारी अमेरिका पर है, हालाँकि यह साफ़ नहीं कि इशारा किस जवाब की तरफ़ था। क्षेत्र के दो अधिकारियों के मुताबिक मध्यस्थ एक ढाँचे पर काम कर रहे हैं जिसमें Iran Hormuz में हमले रोके और अमेरिका नाकेबंदी हटाए। एक हाथ में बंदूक, दूसरे में बातचीत की चिट्ठी, और बाज़ार फ़िलहाल चिट्ठी पर ज़्यादा भरोसा कर रहा है।

MCX पर सोना 1.46% फिसलकर 1,38,146 रुपये और चाँदी 3.74% टूटकर 1,76,900 रुपये पर आई; 14 अक्टूबर को चाँदी 2,16,911 और सोना 1,47,714 रुपये पर थे। डर बढ़े तो पैसा सोने-चाँदी की तिजोरी में जाता है, और ख़तरा घटता दिखे तो वापस शेयरों में लौटता है। WTI 97.90 और Brent 106 डॉलर पर रहा।

आगे किन बातों पर नज़र रखें

  • अमेरिकी चुनावों के नतीजे, जिनके शुरुआती रुझान अगली सुबह तक।
  • चुनाव के बाद Iran पर Trump का अगला कदम: बातचीत या सख़्ती।
  • दो दिन में 2,400 अंक से ज़्यादा की तेज़ी के बाद मुनाफ़ावसूली का दबाव।
  • विदेशी निवेशकों की ख़रीदारी जारी रहती है या नहीं।

आज का सबक: बाज़ार headline नहीं, उसका असर देखता है; डरावनी खबर पर तुरंत बेचने से पहले पूछिए कि असली असर कितना बड़ा है। सोना-चाँदी हमेशा नहीं चढ़ते, तीन हफ्तों में चाँदी करीब 18% गिरी है; इन्हें portfolio में संतुलन के लिए रखिए। और मुनाफ़ा भी घर लाना सीखिए: पके फल समय पर तोड़ लिए जाएँ तो बर्बाद नहीं होते।

स्रोत: NSE और BSE के closing आंकड़े; MCX; Iran की सरकारी मीडिया और अमेरिकी अधिकारियों के बयान (Reuters के हवाले से); exchange का FII data। आंकड़े 3 नवंबर 2026 के बाज़ार बंद होने तक के हैं।

यह लेख सिर्फ जानकारी और समझ के लिए है। यह निवेश की सलाह नहीं है।

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  • Ravindra Gautam

    Ravindra Gautam SanjeevniTV के Founder और Editor-in-Chief हैं, और Hindi business पत्रकारिता का जाना-पहचाना चेहरा हैं। वे Zee Business पर business कार्यक्रम “Winners with Ravindra Gautam” के host रहे, जो बाद में News18 India और CNBC Awaaz पर भी प्रसारित हुआ। वे Aquarius Mediaa के founder हैं। आज वे SanjeevniTV के prime-time कार्यक्रम “देश, दुनिया और पैसा” के anchor हैं, जो हर रात 10 बजे देश-दुनिया की आर्थिक और geopolitical खबरों को बाज़ार, कारोबार और आम परिवार की जेब से जोड़कर पेश करता है। उनकी पत्रकारिता का ज़ोर खबर के पीछे की असली कहानी, आंकड़ों की जाँच और भरोसेमंद स्रोतों पर है।

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