Nifty 24,500 के पार, Sensex करीब 2,000 अंक उछला: सस्ता तेल, विदेशी पैसा और बैंक | शेयर बाज़ार का लेखा-जोखा | 5 नवंबर 2026

4 नवंबर को सवाल था कि क्या Nifty 24,000 पार करेगा। 5 नवंबर को बाज़ार ने जवाब दिया: Nifty 24,500 के भी पार चला गया, Sensex एक ही दिन में करीब 2,000 अंक उछला और निवेशकों की जेब में करीब 7 लाख 85 हज़ार करोड़ रुपये आए। SanjeevniTV के कार्यक्रम “शेयर बाज़ार का लेखा-जोखा” की इस रिपोर्ट में पढ़िए कि दिवाली से ठीक पहले की इस रौनक का एक सिरा अमेरिका के चुनाव से कैसे जुड़ा है।

मुख्य बातें

  • Sensex करीब 2,000 अंक (ढाई फ़ीसदी से ज़्यादा) चढ़कर 79,300 के ऊपर, लगातार छठे दिन बढ़त; Nifty 576 अंक चढ़कर 24,536 पर; Bank Nifty 3% से ज़्यादा उछलकर 57,700 के ऊपर।
  • तीन वजहें: 100 डॉलर से नीचे आया कच्चा तेल, बुधवार को FIIs की करीब 7,300 करोड़ रुपये की ख़रीदारी, और बैंकों में ज़बरदस्त ख़रीदारी।
  • Auto 4% से ज़्यादा उछला; Bajaj Finance करीब साढ़े सात फ़ीसदी चढ़कर top gainer।
  • करीब 100 शेयर साल की ऊँचाई पर, निचले स्तर पर सिर्फ़ 43।
  • Market cap करीब 497 लाख करोड़ रुपये, 500 लाख करोड़ से बस करीब ढाई लाख करोड़ दूर।

छोटे क़दम, फिर एक बड़ी छलांग

पहाड़ चढ़ने वाले जानते हैं कि कुछ दिन छोटे क़दम चलने पड़ते हैं और फिर एक दिन एक ही छलांग में बड़ी चट्टान पार हो जाती है। पिछले पाँच दिन बाज़ार छोटे क़दम चल रहा था; इस दिन उसने बड़ी चट्टान पार की।

पहली वजह सस्ता तेल: अमेरिकी चुनाव के बाद जानकारों का मानना है कि Iran के साथ युद्ध जल्दी ख़त्म करने का दबाव बढ़ेगा, और युद्ध खत्म होने की उम्मीद से तेल सस्ता हुआ। भारत अपना ज़्यादातर तेल बाहर से खरीदता है, इसलिए तेल सस्ता तो देश का ख़र्च और महँगाई का डर दोनों कम। दूसरी, कुछ हफ्ते पहले तक लगातार बेच रहे विदेशी निवेशकों ने बुधवार को करीब 7,300 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। तीसरी, ICICI Bank, HDFC Bank, Axis Bank और Bajaj Finance जैसे बड़े नामों ने बाज़ार को सबसे ज़्यादा ऊपर खींचा।

Sectors: रीढ़ सीधी, गाड़ियाँ सबसे तेज़

बैंकों को अर्थव्यवस्था की रीढ़ कहा जाता है, और इस दिन सरकारी व प्राइवेट, दोनों तरह के बैंक 3% से ज़्यादा चढ़े। असली हीरो Auto रहा, जो 4% से ज़्यादा उछला; Realty करीब साढ़े तीन और IT करीब ढाई फ़ीसदी चढ़े। अकेला लाल sector Media रहा, जो एक दिन पहले सबसे आगे था। यह बड़ी कंपनियों का दिन था: Smallcap index आधा फ़ीसदी ही चढ़ा।

Top gainers में Bajaj Finance (करीब 7.5%), Shriram Finance (करीब 6%), और Mahindra & Mahindra, Maruti व Tata Motors की passenger vehicle कंपनी (तीनों करीब साढ़े पाँच फ़ीसदी) रहे। Top 5 में तीन गाड़ी बनाती हैं और दो कर्ज़ देती हैं; Shriram Finance का बड़ा कारोबार गाड़ियों के लिए कर्ज़ है। पेट्रोल-डीज़ल सस्ता होने और महँगाई का डर घटने की उम्मीद हो, तो नई गाड़ी खरीदने का मन आसानी से बनता है।

पीछे रहने वालों में Apollo Hospitals (करीब ढाई फ़ीसदी), और ONGC, NTPC, Coal India व Adani Ports (करीब 1-2%) रहे। जो सस्ता तेल पूरे बाज़ार के लिए ख़ुशी लाया, वही तेल निकालकर बेचने वाली ONGC के लिए चिंता लाया: सब्ज़ी सस्ती हो तो घर का बजट सुधरता है, पर उगाने वाले की कमाई घटती है।

तराज़ू का पलड़ा पलटा

करीब 2,500 शेयर चढ़े और सिर्फ़ करीब 1,100 गिरे, और upper circuit वाले lower circuit वालों से दोगुने रहे। 23 अक्टूबर को, जब बाज़ार सबसे ज़्यादा डरा था, करीब 700 शेयर साल के सबसे निचले भाव पर थे और ऊँचाई पर सिर्फ़ 24; इस दिन करीब 100 शेयर साल की ऊँचाई पर और निचले भाव पर सिर्फ़ 43। दो हफ्ते पहले ज़मीन से चिपका पलड़ा अब हवा में है।

16 से 23 अक्टूबर के एक हफ्ते में बाज़ार की कुल कीमत करीब साढ़े बीस लाख करोड़ रुपये घटी थी; पिछले शुक्रवार से सिर्फ़ चार दिनों में करीब 27 लाख करोड़ बढ़ी। यानी जितना एक हफ्ते के डर में डूबा, उससे ज़्यादा चार दिनों के भरोसे में लौट आया। एक दिन में एक लाख ग्यारह हज़ार से ज़्यादा नए खाते खुले, और कुल खाते करीब 27.6 करोड़ हुए।

दुनिया: बातचीत भी, तनाव भी

President Trump ने कहा कि अभी तुरंत Iran पर हमले की कोई योजना नहीं है, उपराष्ट्रपति JD Vance समझौते के पक्ष में हैं, और Qatar एक ऐसे मसौदे पर काम कर रहा है जिससे कुछ दिनों में दोनों देशों के बीच सीधी बातचीत शुरू हो सकती है। लेकिन Iran की सेना के मुताबिक Hormuz में दो tankers और एक छोटे जहाज़ में आग लगी, और Iran चाहता है कि पहले अमेरिका नाकेबंदी हटाए और पाबंदियाँ ढीली करे। शांति की गाड़ी चल पड़ी है, पर रास्ते में अभी गड्ढे हैं।

सोना 1% से ज़्यादा चढ़ा और चाँदी में हल्की बढ़त रही। तेल थोड़ा चढ़ा, लेकिन 23 अक्टूबर के करीब 117 डॉलर से Brent अब 96 डॉलर पर है, यानी दो हफ्तों में करीब 18% सस्ता: भारत के लिए इस दिवाली का शायद सबसे बड़ा तोहफ़ा।

आगे किन बातों पर नज़र रखें

  • छह दिन की लगातार तेज़ी के बाद मुनाफ़ावसूली; थोड़ी नरमी पर घबराने की ज़रूरत नहीं।
  • Iran और अमेरिका की बातचीत: अच्छी या बुरी खबर तेल और बाज़ार को तुरंत हिला सकती है।
  • विदेशी निवेशकों की ख़रीदारी जारी रहती है या नहीं।

आज का सबक: बाज़ार में टिके रहना सही वक़्त पकड़ने से ज़्यादा ज़रूरी है: 23 अक्टूबर को डरकर निकलने वाले इस तेज़ी से बाहर हैं, जबकि टिके रहने वालों ने Nifty को करीब 1,900 अंक चढ़ते देखा। कल क्या होगा, कोई पक्का नहीं कह सकता, इसलिए किसी एक अनुमान पर सारा पैसा न लगाएँ। और विदेशी निवेशकों के भरोसे portfolio मत बनाइए: मेहमान आते-जाते रहते हैं, घर अपने भरोसे पर चलता है।

स्रोत: NSE और BSE के closing आंकड़े; MCX; exchange का provisional FII data; अमेरिकी, Iranian और Qatari अधिकारियों के बयान (Reuters के हवाले से)। आंकड़े 5 नवंबर 2026 के बाज़ार बंद होने तक के हैं; कुछ आंकड़े पूर्णांकित।

यह लेख सिर्फ जानकारी और समझ के लिए है। यह निवेश की सलाह नहीं है।

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  • Ravindra Gautam

    Ravindra Gautam SanjeevniTV के Founder और Editor-in-Chief हैं, और Hindi business पत्रकारिता का जाना-पहचाना चेहरा हैं। वे Zee Business पर business कार्यक्रम “Winners with Ravindra Gautam” के host रहे, जो बाद में News18 India और CNBC Awaaz पर भी प्रसारित हुआ। वे Aquarius Mediaa के founder हैं। आज वे SanjeevniTV के prime-time कार्यक्रम “देश, दुनिया और पैसा” के anchor हैं, जो हर रात 10 बजे देश-दुनिया की आर्थिक और geopolitical खबरों को बाज़ार, कारोबार और आम परिवार की जेब से जोड़कर पेश करता है। उनकी पत्रकारिता का ज़ोर खबर के पीछे की असली कहानी, आंकड़ों की जाँच और भरोसेमंद स्रोतों पर है।

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