
तीन दिन में ₹19 लाख करोड़ की कमाई, Nifty 24,000 की दहलीज़ पर; हर 1 गिरते शेयर पर 3 चढ़े | शेयर बाज़ार का लेखा-जोखा | 4 नवंबर 2026
4 नवंबर को बाज़ार में हर 1 गिरने वाले शेयर के मुक़ाबले 3 शेयर चढ़े, ऐसी चौतरफ़ा हरियाली जो पिछले कई हफ्तों में नहीं दिखी। निवेशकों की झोली में करीब 6 लाख 53 हज़ार करोड़ रुपये आए, और तीन कारोबारी दिनों में करीब 19 लाख करोड़। Nifty 24,000 की दहलीज़ पर खड़ा है। लेकिन इस जश्न में एक sector रूठा रहा। SanjeevniTV के कार्यक्रम “शेयर बाज़ार का लेखा-जोखा” की इस रिपोर्ट में पढ़िए पूरा हिसाब।
मुख्य बातें
- Sensex 383.55 अंक (0.50%) चढ़कर 77,301.40 पर, लगातार पाँचवें दिन बढ़त; Nifty 50 149.75 अंक ऊपर 23,960.60 पर, 24,000 से बस 40 अंक दूर; Bank Nifty 55,913.60 पर।
- Smallcap 100 2.00% और Midcap 100 1.55% चढ़े; Media 5.15% उछला, IT अकेला 1.50% नीचे।
- 2,720 शेयर चढ़े, सिर्फ़ 884 गिरे: advance-decline ratio करीब 3.08।
- 71 शेयर साल की ऊँचाई पर, 74 साल के निचले स्तर पर; 23 अक्टूबर को यह 24 बनाम 691 था।
- Brent करीब 102 डॉलर पर, 23 अक्टूबर के 117 डॉलर से करीब 13% नीचे।
मॉल नहीं, गली की दुकानों में रौनक
बड़े index की बढ़त हल्की, आधा-पौना फ़ीसदी, रही, लेकिन असली धूम छोटे और मझोले शेयरों में मची। त्योहार में बड़े मॉल में भीड़ तो होती ही है, असली रौनक तब दिखती है जब गली-मोहल्ले की छोटी दुकानों पर भी ग्राहक उमड़ें। Smallcap Sensex से चार गुना तेज़ दौड़ा। फिर भी याद रहे, 21 अक्टूबर को Smallcap एक दिन में 2.37% टूटा था: छोटे शेयर तेज़ दौड़ते हैं, लेकिन दोनों दिशाओं में।
तेज़ी के पीछे कच्चे तेल की लगातार नरमी और Metal, Realty व Media में ज़ोरदार ख़रीदारी रही। दिन आसान नहीं था: सुबह के संकेत कमज़ोर थे और दोपहर तक index लाल-हरे के बीच झूलते रहे, लेकिन आख़िर में ख़रीदारों ने बाज़ी मारी। अमेरिकी चुनाव नतीजों को लेकर सतर्कता में Japan और Korea के बाज़ार गिरे और वहाँ के tech शेयरों पर दबाव रहा, जिसका असर भारत के IT शेयरों पर भी माना जा रहा है।
Sectors: एक सदस्य का व्रत
Media 5.15%, Realty 2.85%, Metal 2.80%, FMCG 1.50% और Auto 1.16% चढ़े; PSU Bank, Pharma और Private Bank में भी बढ़त रही। अकेला IT 1.50% नीचे रहा, जैसे त्योहार पर सब मिठाई खा रहे हों और एक सदस्य का व्रत हो।
Top gainers में BEL (4.71%), Adani Enterprises (4.47%), Titan (4.22%), Jio Financial (3.73%) और Max Healthcare (3.53%) रहे। BEL सेना के लिए radar और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बनाने वाली सरकारी कंपनी है, और Titan के लिए यह शादी-ब्याह और त्योहारों का मौसम है। Adani Enterprises एक दिन पहले top losers में था, और Jio Financial, जिसका मुनाफ़ा 16 अक्टूबर को 51% घटने की खबर आई थी, अब सितारों में रहा। Top losers में TCS (2.52%), HCLTech (2.37%), BSE (1.75%), Infosys (1.73%) और Eternal (1.42%) रहे।
तराज़ू बराबरी पर
NSE पर 3,704 शेयरों में कारोबार हुआ: 2,720 चढ़े, 884 गिरे और 100 अपनी जगह रहे। 154 में upper और सिर्फ़ 80 में lower circuit लगा। सबसे दिलचस्प तस्वीर: 71 शेयर साल की सबसे ऊँची कीमत पर और 74 साल के सबसे निचले स्तर पर। 23 अक्टूबर को सिर्फ़ 24 शेयर ऊँचाई पर और 691 निचले स्तर पर थे; तब तराज़ू का एक पलड़ा ज़मीन से चिपका था, अब दोनों लगभग बराबर झूल रहे हैं।
Market cap 483.10 से बढ़कर 489.63 लाख करोड़ रुपये (करीब 5.16 trillion डॉलर) हुआ। पिछले शुक्रवार के 470.55 लाख करोड़ से तीन दिनों में करीब 19 लाख करोड़ बढ़े, यानी पिछले हफ्ते list हुई Jio Platforms की पहले दिन की करीब 12.5 लाख करोड़ की कीमत का करीब डेढ़ गुना। Registered client accounts 1,14,556 बढ़कर 27,58,72,286 हुए।
दुनिया: दो राहें
अमेरिका में मध्यावधि चुनावों के बाद नतीजों का दौर है। President Trump ने पुष्टि की कि अमेरिकी सेना ने Iran के एक air-defence ठिकाने पर हमला किया, और इसे छोटी कार्रवाई बताते हुए कहा कि यह युद्ध नहीं है। Iran की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव Mohsen Rezaei ने कहा कि Iran की 7 शर्तों पर अमेरिका का जवाब भरोसा जगाने वाला नहीं। Qatar के मुताबिक बातचीत जारी है, और Iran ने कहा है कि शर्तें मानी जाएँ तो वह दो दिनों में Hormuz खोल सकता है। अमेरिकी मीडिया के मुताबिक सेना के पास चुनाव के बाद नए हमलों की योजनाएँ भी तैयार हैं।
MCX पर सोना 2.28% चढ़कर 1,42,630 रुपये और चाँदी 3.87% उछलकर 1,86,659 रुपये पर पहुँची; एक वजह यह बताई जा रही है कि सस्ते तेल से महँगाई का डर और अमेरिका में तेज़ rate बढ़ोतरी की आशंका घटी है। WTI 95.29 और Brent 102.3 डॉलर पर आया।
आगे किन बातों पर नज़र रखें
- Nifty का 24,000 का स्तर: गोल आंकड़ों पर बाज़ार अक्सर ठिठकता है।
- अमेरिकी चुनाव नतीजों का दुनिया के बाज़ारों पर असर।
- चुनाव के बाद Iran पर Trump का अगला कदम।
- छोटे-मझोले शेयरों में तेज़ी के बाद मुनाफ़ावसूली का दबाव।
आज का सबक: हर sector की बारी आती है: 16 अक्टूबर को हीरो रहा IT अब अकेला लाल था, और 26 अक्टूबर को अकेला लाल Media अब सबसे आगे। इसलिए portfolio में अलग-अलग sectors को जगह दीजिए। जब सब कुछ चढ़ रहा हो, वही portfolio की जाँच का समय है। और एक दिन देखकर फ़ैसला मत कीजिए: जो चाँदी एक दिन 3.7% गिरी, वह अगले दिन 3.9% उछल गई।
स्रोत: NSE और BSE के closing आंकड़े; MCX; अमेरिकी और Iranian अधिकारियों के बयान (Reuters के हवाले से); Qatar के विदेश मंत्रालय के बयान। आंकड़े 4 नवंबर 2026 के बाज़ार बंद होने तक के हैं।
यह लेख सिर्फ जानकारी और समझ के लिए है। यह निवेश की सलाह नहीं है।
