शेयर बाज़ार का लेखा-जोखा: 21 अप्रैल 2026

शेयर बाज़ार का लेखा-जोखा: 21 अप्रैल 2026 — ईरान-US सीजफायर की अनिश्चितता के बीच बाज़ार ने दिखाई मजबूत रिकवरी, सेंसेक्स 753 अंक चढ़कर 79,273 पर बंद
नई दिल्ली, 21 अप्रैल 2026: भारतीय शेयर बाज़ार ने मध्य-पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद आज मजबूती का प्रदर्शन किया। ईरान और अमेरिका के बीच दो सप्ताह के सीजफायर की समयसीमा समाप्त होने वाली है तथा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तनाव बरकरार है, फिर भी बैंकिंग सेक्टर की मजबूत खरीदारी और घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) की भारी सपोर्ट ने बाज़ार को ऊंचे स्तर पर बंद कराया।
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का 30 शेयरों वाला सूचकांक Sensex 753.03 अंकों की बढ़त के साथ 79,273.33 पर बंद हुआ, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का Nifty 50 211.75 अंकों की छलांग लगाकर 24,576.60 पर पहुंच गया। यह लगातार तीसरा सत्र है जब दोनों बेंचमार्क हरे निशान पर बंद हुए। दिन के कारोबार में Sensex ने 79,367.08 तक का उच्च स्तर छुआ, जबकि Nifty 24,601.70 तक गया।
बाज़ार के मुख्य आंकड़े
• Sensex: 79,273.33 (+753.03 अंक, +0.96%)
• Nifty 50: 24,576.60 (+211.75 अंक, +0.87%)
• Bank Nifty: बैंकिंग सेक्टर की अगुवाई में मजबूत प्रदर्शन
• Nifty Midcap: हल्की गिरावट के साथ बंद
• Nifty Smallcap: लगभग 0.15% नीचे
बाज़ार की चौड़ाई मिश्रित रही। BSE पर करीब 2,407 शेयर बढ़त के साथ बंद हुए, जबकि 1,702 शेयर गिरावट में रहे और 148 शेयर सपाट बंद हुए। इससे साफ है कि तेजी मुख्य रूप से लार्ज कैप शेयरों तक सीमित रही, जबकि ब्रॉड मार्केट में दबाव बना रहा। भू-राजनीतिक अनिश्चितता के दौरान निवेशक अक्सर बड़े और सुरक्षित शेयरों की ओर रुख करते हैं।
सेक्टर प्रदर्शन: बैंकिंग चमका, IT और मेटल दबाव में
आज के कारोबार में विभिन्न सेक्टरों का प्रदर्शन अलग-अलग रहा:
• बैंकिंग और PSU बैंक: दिन के सबसे बड़े गेनर। HDFC बैंक के मजबूत Q4 नतीजों ने पूरे सेक्टर को बल प्रदान किया। बैंक का शुद्ध लाभ सालाना आधार पर 9.1% बढ़कर ₹19,221 करोड़ रहा, जबकि प्रावधानों में कमी दर्ज की गई। Axis Bank, ICICI Bank और SBI जैसे शेयर टॉप गेनर्स में शामिल रहे। SBI ने 2030 तक अपनी बैलेंस शीट को भारत के GDP के करीब 25% तक बढ़ाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है।
• ऑटो सेक्टर: लगातार दूसरे दिन मजबूत रहा, हालांकि ऊंची कच्चे तेल की कीमतें भविष्य में चिंता का विषय बनी हुई हैं।
• IT सेक्टर: दबाव में रहा। Infosys और Tech Mahindra जैसे शेयरों में बिकवाली देखी गई। NASDAQ की हल्की कमजोरी और Q4 नतीजों का इंतजार इसका मुख्य कारण रहा।
• मेटल सेक्टर: कमजोर प्रदर्शन। चीन की GDP ग्रोथ और 2026 के ग्रोथ टारगेट में कटौती ने धातु मांग पर चिंता बढ़ाई।
• मीडिया सेक्टर: लगातार चौथे दिन बढ़त के साथ 0.90% मजबूत।
• फार्मा और FMCG: डिफेंसिव सेक्टर के रूप में स्थिर रहे। HUL और Power Grid जैसे शेयरों में खरीदारी हुई।
• रियल्टी और इंफ्रा: मिला-जुला प्रदर्शन। 10 साल के सरकारी बॉन्ड यील्ड 6.898% पर आ गई, जो पिछले दिन से थोड़ी नीचे है।
बाज़ार में रिकवरी के प्रमुख कारण
बाज़ार की शुरुआत थोड़ी कमजोर रही थी, लेकिन बाद में मजबूत रिकवरी आई। मुख्य कारण निम्नलिखित रहे:
1. HDFC बैंक के शानदार Q4 नतीजे: शुद्ध लाभ ₹19,221 करोड़ (9% YoY वृद्धि), NPAs में सुधार और मजबूत डिपॉजिट ग्रोथ ने बैंकिंग सेक्टर को उठाया।
2. DII की भारी खरीदारी: घरेलू निवेशकों ने विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की बिकवाली को प्रभावी ढंग से काउंटर किया।
3. ईरान-US सीजफायर पर उम्मीद: हालांकि समयसीमा समाप्त होने वाली है, पाकिस्तान में मध्यस्थता के जरिए बातचीत की संभावना बनी हुई है, जिससे कच्चे तेल की सप्लाई चिंता थोड़ी कम हुई।
4. ग्लोबल संकेत: अमेरिकी बाज़ारों में S&P 500 की मजबूती का सकारात्मक असर।
FII बनाम DII: घरेलू निवेशक बाज़ार की रक्षा कवच
20 अप्रैल 2026 के आंकड़ों के अनुसार, FII ने शुद्ध रूप से ₹1,059.93 करोड़ की बिकवाली की। अप्रैल महीने में अब तक FII की कुल बिकवाली करीब ₹6,640 करोड़ पहुंच गई है। डॉलर की मजबूती और उभरते बाज़ारों से पैसा निकालने का ट्रेंड इसका कारण माना जा रहा है।
दूसरी ओर, DII ने ₹2,966.89 करोड़ की शुद्ध खरीदारी की। अप्रैल में DII की कुल खरीदारी ₹38,423 करोड़ से अधिक हो चुकी है। म्यूचुअल फंड्स और इंश्योरेंस कंपनियों के जरिए SIP फ्लो लगातार बाज़ार को सपोर्ट दे रहा है।
ग्लोबल बाज़ार और कमोडिटी अपडेट
• अमेरिकी बाज़ार: S&P 500 मजबूत स्तर पर, NASDAQ हल्की गिरावट पर।
• एशियाई बाज़ार: Nikkei और Shanghai Composite सकारात्मक।
• GIFT Nifty: सकारात्मक संकेत।
• रुपया: 93.09 प्रति डॉलर के आसपास थोड़ा कमजोर।
• India VIX: 18.79 पर पहुंचा, जो अल्पकालिक अनिश्चितता बढ़ने का संकेत है।
कमोडिटी बाज़ार:
• सोना: MCX पर हल्की गिरावट, 24 कैरेट लगभग ₹1,53,700-1,53,840 प्रति 10 ग्राम। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर करीब $4,800 प्रति औंस।
• कच्चा तेल: Brent $94-95 प्रति बैरल के आसपास, WTI $87-89 के करीब। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तनाव के बावजूद बातचीत की उम्मीद से कुछ राहत मिली।
ईरान-US तनाव: बाज़ार पर असर
28 फरवरी 2026 को शुरू हुए संघर्ष के बाद 8 अप्रैल को दो सप्ताह का सीजफायर हुआ था। आज 21 अप्रैल को इसकी समयसीमा समाप्त होने वाली है। अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों पर नौसैनिक ब्लॉकेड जारी रखने की बात कही है, जबकि ईरान ने धमकियों के बीच बातचीत से इनकार किया है। पाकिस्तान में JD Vance की संभावित यात्रा और दूसरी दौर की बातचीत की उम्मीद बनी हुई है, लेकिन कोई स्पष्ट प्रगति नहीं हुई है।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से दुनिया के करीब 20% कच्चे तेल का परिवहन होता है। इस रूट पर कम यातायात और घटनाओं से वैश्विक सप्लाई चेन प्रभावित हो रही है, जिससे महंगाई का खतरा बढ़ रहा है। IMF ने वैश्विक आर्थिक वृद्धि पर नकारात्मक प्रभाव की चेतावनी दी है।
निफ्टी के टॉप गेनर्स और लूजर्स
टॉप 5 गेनर्स: Axis Bank, ICICI Bank, HUL, Power Grid Corporation, SBI
टॉप 5 लूजर्स: Infosys, Tech Mahindra, ONGC, Bajaj Auto, Reliance Industries
कल बाज़ार की संभावना (22 अप्रैल 2026)
कल बाज़ार की दिशा मुख्य रूप से ईरान-US सीजफायर अपडेट पर निर्भर करेगी। अगर सीजफायर बढ़ता है या बातचीत में प्रगति होती है, तो निफ्टी 24,600-24,700 की ओर जा सकता है। Q4 अर्निंग सीजन जारी है और अच्छे नतीजे बाज़ार को नई रफ्तार दे सकते हैं।
तकनीकी स्तर:
• Nifty Resistance: 24,606 | 24,508 | 24,453
• Nifty Support: 24,271 | 24,216 | 24,118
निवेशकों के लिए सलाह
आज का बाज़ार एक बार फिर याद दिलाता है कि भू-राजनीतिक तनाव के समय भी लंबी अवधि का निवेश फायदेमंद साबित होता है। गिरावट के दौरान SIP से अधिक यूनिट्स मिलती हैं, जो भविष्य में बेहतर रिटर्न देती हैं। निवेश केवल उस धन से करें जिसकी 3-5 वर्ष तक जरूरत न हो। लीवरेज का इस्तेमाल जोखिम भरा है।
डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट केवल सूचनात्मक उद्देश्य से तैयार की गई है। यह निवेश सलाह नहीं है। बाज़ार में निवेश जोखिमपूर्ण है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य लें।

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