शेयर बाजार का लेखा-जोखा: 20 से 24 अप्रैल 2026 तक क्या कहते हैं SMC Group के CMD सुभाष अग्रवाल?

 

नई दिल्ली, 19 अप्रैल 2026 – वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में ईरान द्वारा भारतीय जहाजों पर हुई गोलीबारी और क्रूड ऑयल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच भारतीय शेयर बाजार अगले सप्ताह (20 से 24 अप्रैल 2026) कैसा रहेगा? इस महत्वपूर्ण सवाल का जवाब देने के लिए संजीवनी टीवी पर SMC Group के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर सुभाष अग्रवाल ने एडिटर-इन-चीफ रविंद्र गौतम से लंबी और विस्तृत चर्चा की।

यह चर्चा ऐसे समय में हुई जब बाजार अनिश्चितता से गुजर रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की प्रीमेच्योर घोषणाओं, ईरान-अमेरिका के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बनी उलझन और हालिया जहाज हमले की घटना ने निवेशकों के मन में कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

होर्मुज स्ट्रेट तनाव: पूरी घटना और इसका बाजार पर असर

सुभाष अग्रवाल ने बताया कि ट्रंप अक्सर बातचीत पूरी होने से पहले ही सकारात्मक घोषणाएं कर देते हैं, जिससे बाजार में भ्रम की स्थिति बनती है। होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर भी यही हुआ।

7 अप्रैल को बंद → 10 अप्रैल को खोला गया → फिर 17-18 अप्रैल को दोबारा बंद कर दिया गया। ईरान ने लेबनान और इजराइल के साथ सीजफायर की घोषणा के बाद कुछ राहत दी थी, लेकिन अमेरिकी नौसेना ब्लॉकेड पर अड़ जाने से ईरान ने नकारात्मक रुख अपनाया।

इस दौरान ईरानी गनबोट्स ने गुजर रहे जहाजों पर अटैक किया, जिसमें दो भारतीय जहाज (Jag Arnav और Sanmar Herald) भी शामिल थे। भारत ने इस घटना पर कड़ा एतराज जताया। ईरान के स्पिरिचुअल लीडर अयातुल्लाह खामिनेई ने इसे “गलती” करार दिया और भारत से अच्छे संबंधों का हवाला देते हुए मामले को सुलझाने का आश्वासन दिया।

यह पूरी चर्चा संजीवनी टीवी के यूट्यूब चैनल पर उपलब्ध है।

 

सुभाष अग्रवाल का मानना है कि यह घटना ज्यादा नहीं बढ़ेगी क्योंकि दोनों पक्ष शांति चाहते हैं। उन्होंने कहा, “गलती से हो गया होगा। भारत भी इसे समझेगा।” फिर भी, बार-बार होने वाली ऐसी घटनाओं से क्रूड ऑयल की कीमतों में कुछ बढ़ोतरी हो सकती है, लेकिन बड़ा और लंबा असर नहीं रहेगा। अगर 1 मई तक कोई लिखित समझौता हो जाता है तो स्थिति जल्द सामान्य हो सकती है।

क्रूड ऑयल की कीमतें पहले $100 प्रति बैरल के ऊपर चली गई थीं, लेकिन हालिया सकारात्मक खबरों के बाद कुछ राहत मिली है। भारत जैसे देश के लिए, जो 85-90% तेल आयात करता है, यह स्थिति एनर्जी सुरक्षा के लिए चुनौती बनी हुई है।

पिछले सप्ताह (17 अप्रैल 2026) का बाजार प्रदर्शन

17 अप्रैल 2026 (शुक्रवार) को निफ्टी 50 24,353.55 पर बंद हुआ, जो 157 पॉइंट्स (0.65%) की बढ़त दर्शाता है। बैंक निफ्टी भी 56,565.70 पर बंद हुआ, जो करीब 0.85% की तेजी दिखाता है। मिडकैप इंडेक्स में 1.27% और स्मॉलकैप में 1.48% की अच्छी बढ़त रही।

इंडिया VIX 4.86% घटकर 17.21 पर आ गया, जो बाजार में कम अस्थिरता और सकारात्मक sentiment का संकेत है।

FII और DII गतिविधि:

17 अप्रैल को FII ने नेट 683 करोड़ रुपये की खरीदारी की, जबकि DII ने 4,721 करोड़ रुपये की बिकवाली की। पूरे अप्रैल महीने में FII अब तक करीब 39,224 करोड़ रुपये की बिकवाली कर चुके हैं, जबकि DII ने 29,697 करोड़ रुपये की खरीदारी की है। पूरे साल FII की बिकवाली बहुत भारी रही है (21,455 करोड़ रुपये से ज्यादा), लेकिन हाल के दिनों में छोटी-मोटी खरीदारी शुरू हुई है।

यह डेटा दिखाता है कि घरेलू संस्थागत निवेशक (DII) अभी भी बाजार को सपोर्ट कर रहे हैं, जबकि विदेशी निवेशक सतर्क बने हुए हैं।

कंपनियों के ताजा रिजल्ट्स और सेक्टर-वाइज आउटलुक

TCS के रिजल्ट बेहद मजबूत आए। IT सेक्टर में 2026-27 के लिए गाइडेंस भी पॉजिटिव है। सुभाष अग्रवाल ने कहा कि IT सेक्टर अब बेहतर प्रदर्शन करने वाला है। पिछले कई महीनों की गिरावट के बाद लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट के लिए IT स्टॉक्स आकर्षक स्तर पर आ गए हैं।

बैंकिंग सेक्टर:

  • ICICI बैंक का प्रदर्शन बेहतर रहा।
  • HDFC बैंक पर जो नेगेटिव इंपैक्ट चल रहा था, उसमें कुछ राहत नजर आ रही है।

RBI GDP फोरकास्ट: भारतीय रिजर्व बैंक ने FY26 के लिए GDP ग्रोथ अनुमान को 7.6% से घटाकर 6.9% कर दिया है। मुख्य कारण क्रूड की ऊंची कीमतें और भू-राजनीतिक तनाव हैं। सुभाष अग्रवाल ने समझाया कि जब GDP अनुमान नीचे जाता है तो कॉर्पोरेट अर्निंग्स पर भी कुछ दबाव पड़ता है, लेकिन यह अस्थायी है।

EV और ऑटो सेक्टर: सरकार ऊर्जा निर्भरता कम करने पर जोर दे रही है। 2030 तक 500 GW नॉन-फॉसिल एनर्जी टारगेट का 50% काम पूरा हो चुका है। इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहन, हाइड्रोजन एनर्जी और छोटे न्यूक्लियर रिएक्टर्स पर फोकस है। इथेनॉल ब्लेंडिंग (20%) पर कोई बड़ी समस्या नहीं है। कुछ लोग इंजन कमजोर होने की अफवाह फैला रहे हैं, लेकिन रिसर्च में ऐसा कोई प्रमाण नहीं मिला। ऑटो इंडस्ट्री कुल मिलाकर पॉजिटिव दिख रही है।

रियल एस्टेट, सीमेंट, स्टील और इंफ्रा सेक्टर:

वर्तमान में कुछ चुनौतियां हैं क्योंकि इंटरेस्ट रेट कम होने की संभावना कम है और मॉनसून का पूर्वानुमान भी कमजोर है। फिर भी, मिडिल ईस्ट में युद्ध के बाद रिकंस्ट्रक्शन कार्य शुरू होने पर सीमेंट, स्टील, इंफ्रास्ट्रक्चर और कंस्ट्रक्शन कंपनियों को फायदा मिल सकता है। भारत को कुछ ऑर्डर मिलेंगे, हालांकि चीन के मुकाबले थोड़ी चुनौती रहेगी क्योंकि ईरान-रूस-चीन के संबंध मजबूत हैं।

अगले सप्ताह (20-24 अप्रैल 2026) के लिए निफ्टी और बैंक निफ्टी रेंज

सुभाष अग्रवाल ने अगले सप्ताह के लिए निम्नलिखित रेंज दी:

  • निफ्टी 50: 23,800 से 25,000 (करीब 1,200 पॉइंट की रेंज)
  • बैंक निफ्टी: 55,600 से 57,800 (करीब 2,200 पॉइंट की रेंज)

उन्होंने कहा कि बाजार अभी अनिश्चित है। अगर होर्मुज तनाव सुलझ जाता है और सकारात्मक खबरें आती हैं तो 25,000 के स्तर तक तेजी देखी जा सकती है। लेकिन शॉर्ट टर्म में उतार-चढ़ाव बना रहेगा।

निवेशकों के लिए सलाह:

  • लॉन्ग टर्म इन्वेस्टर घबराएं नहीं।
  • बैंकिंग, NBFC, IT, कंस्ट्रक्शन, सीमेंट, स्टील और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर लॉन्ग टर्म में मजबूत रहेंगे।
  • शॉर्ट टर्म में फंडामेंटल रूप से मजबूत कंपनियों में बाइंग की जा सकती है ।
  • सारी चुनौतियां अस्थायी हैं। भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूत नींव पर भरोसा रखें।

निष्कर्ष

सुभाष अग्रवाल ने जोर देकर कहा कि भू-राजनीतिक तनाव, क्रूड की कीमतें और GDP फोरकास्ट में मामूली बदलाव जैसी चुनौतियां अस्थायी हैं। लॉन्ग टर्म में भारत की कहानी मजबूत बनी रहेगी। निवेशकों को घबराहट में बिकवाली नहीं करनी चाहिए। फंडामेंटल्स पर फोकस करें और धैर्य रखें।

FAQs

  1. निफ्टी अगले सप्ताह कितना जा सकता है?
    सुभाष अग्रवाल के अनुसार 23,800 से 25,000 के बीच रह सकता है।
  2. IT सेक्टर में निवेश करना चाहिए?
    हाँ, लॉन्ग टर्म में अच्छा रह सकता है। TCS के मजबूत रिजल्ट्स सकारात्मक संकेत हैं।
  3. क्रूड ऑयल की कीमतें कितनी बढ़ सकती हैं?
    कुछ बढ़ोतरी संभव है, लेकिन बड़ा इंपैक्ट नहीं रहेगा अगर तनाव जल्द सुलझ गया।
Disclaimer:
यह लेख केवल सामान्य जानकारी और शैक्षिक उद्देश्य के लिए तैयार किया गया है।

  • सुभाष अग्रवाल और रविंद्र गौतम दोनों ही SEBI रजिस्टर्ड निवेश सलाहकार (Investment Advisor) या SEBI रजिस्टर्ड रिसर्च एनालिस्ट नहीं हैं।
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