स्मार्ट शहर, अनपढ़ व्यवहार: क्या हम नागरिक बोध खो चुके हैं? ​हमारी प्रगति पर एक गंभीर प्रश्नचिह्न​— डॉ. अंजुलिका जोशी

  ​आज हम 21वीं सदी के उस दौर में हैं जहाँ शहर ‘स्मार्ट’ हो रहे हैं, सड़कें चौड़ी हो रही हैं और इमारतें आसमान छू रही हैं लेकिन हमारी मानसिता का स्तर दिन पर दिन गिरता जा रहा ह। तकनीक और भौतिक सुख-सुविधाओं की इस चकाचौंध के बीच एक बुनियादी प्रश्न खड़ा होता है—क्या हमारा […]

Market Outlook: 23–27 March के लिए क्या है संकेत? SMC Group के CMD Subhash Agarwal ने दी अहम सलाह

नई दिल्ली | March 22, 2026  भारतीय शेयर बाज़ार फिलहाल अनिश्चितता के दौर से गुजर रहा है, जहाँ स्पष्ट ट्रेंड का अभाव है। 23 से 27 मार्च के आगामी सप्ताह को लेकर निवेशकों के बीच संशय बना हुआ है। इसी संदर्भ में संजीवनी टीवी पर शेयर बाज़ार के विश्लेषण से जुड़े साप्ताहिक कार्यक्रम में Subhash […]

कच्चे तेल की तेजी और FII बिकवाली: अगले सप्ताह शेयर बाजार कैसा रह सकता है?

9–13 मार्च का शेयर बाजार: युद्ध, कच्चा तेल और निवेशकों के लिए संकेत भारतीय शेयर बाजार इस समय केवल कंपनियों के नतीजों या घरेलू आर्थिक संकेतकों से नहीं चल रहा, बल्कि उस पर वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाओं का भी गहरा प्रभाव दिखाई दे रहा है। पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी, […]

विकास या विनाश का चक्र: आखिर कब थमेगी जनता के पैसों और पर्यावरण की बर्बादी? – डा. अंजुलिका जोशी

​हमारे देश में एक कहावत मशहूर हो चली है— “अगर सड़क चकाचक बन गई है, तो समझ लीजिए कि अगले हफ्ते नाला खोदने वाली मशीन आने वाली है।” सुनने में यह व्यंग्य लगता है, लेकिन यह उन करोड़ों करदाताओं की कड़वी हकीकत है, जिनकी मेहनत की कमाई को ‘नियोजन’ (Planning) के नाम पर मिट्टी में […]

पॉलीथीन से भी खतरनाक ‘चमकदार’ कचरा: क्या हम अनजाने में जहर फैला रहे हैं?

पॉलीथीन से भी खतरनाक ‘चमकदार’ कचरा: क्या हम अनजाने में जहर फैला रहे हैं? – डॉ. अंजुलिका जोशी वर्षों से पर्यावरण संरक्षण के आंदोलनों में पॉलीथीन बैग को ही मुख्य ‘खलनायक’ माना गया है। हम गर्व के साथ कपड़े के थैले लेकर बाजार जाते हैं और यह मान लेते हैं कि पर्यावरण की जंग जीती […]

मुफ्तखोरी की संस्कृति: दिल्ली के पर्यावरण और समाज के लिए एक गंभीर खतरा ​डा. अंजुलिका जोशी

मुफ्तखोरी की संस्कृति: दिल्ली के पर्यावरण और समाज के लिए एक गंभीर खतरा ​डा. अंजुलिका जोशी ​आज दिल्ली जिन दो सबसे बड़ी समस्याओं से जूझ रही है, वे हैं—प्रदूषण और गिरती हुई सामाजिक जवाबदेही। हालाँकि, इन दोनों के मूल में एक ही कारण छिपा है: ‘मुफ्त सुविधाओं की राजनीति’ (Freebie Culture)। जब सरकारें बिना किसी […]

Isha Garg of Sri Lal Mahal Recognized with Nari Shakti Excellence Award 2025

नई दिल्ली। भारत की प्रगति में महिलाओं के योगदान को सम्मानित करने के लिए आयोजित Empower Women, Empower India  – विकसित भारत विद नारी शक्ति राष्ट्रीय संगोष्ठी में प्रीमियम बासमती चावल की अग्रणी निर्यातक, सफल उद्यमी और वैश्विक व्यापार नेत्री ईशा गर्ग को नारी शक्ति एक्सीलेंस अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। यह समारोह नई दिल्ली […]

Pallav Green Foundation Leads Heartwarming Plantation Drive

Community Unites for a Greener Tomorrow: Pallav Green Foundation Leads the Way on World Environment Day New Delhi, India – In a heartwarming celebration of World Environment Day, the Pallav Green Foundation spearheaded a meaningful plantation drive, mobilizing community members across age groups in a shared mission to heal and nurture the planet. The event, […]

No Honking Campaign Targets Noise Pollution in Vasant Kunj

No Honking Campaign Targets Noise Pollution in Vasant Kunj NEW DELHI – The Pallav Green Foundation, in collaboration with students from Vasant Public School, launched a “No Honking” campaign in Vasant Kunj area to combat rising noise pollution. The initiative aims to educate drivers about the harmful effects of unnecessary honking, including increased road rage, […]

सुरेश गुप्ता ने आदर्श महाविद्यालय, भिवानी में GST पर सेमिनार का आयोजन कराया

व्यापारियों के लिए कर प्रणाली को सरल बनाने के लिए सरकार जीएसटी को अमल में लायी थी । लेकिन कोई भी नयी प्रक्रिया सरल होने के बावजूद कठिन लग सकती है और व्यापारी इस परेशानी को झेलते हैं, लेकिन वह अपनी समस्या किसे सुनायें, क्योंकि उन्हें इसका हल अक्सर नहीं मिलता, विशेषकर छोटे व्यापारियों को […]

भारत का सच्चा जीवित ‘रत्न’ चला गया, भले ही अब आप मरणोपरांत भारत रत्न देते रहिए – राहुल देव

‘आमरो रतन’… पारसी लोग अपने ‘रतन’ को प्यार और गर्व से यही कहते थे, हमारा रतन। कल भारत का सच्चा ज़िंदा रतन चला गया भले ही अब आप मरणोपरांत भारत रत्न देते रहिए। ज़िंदा रहते नहीं दे पाए यह दर्ज रहेगा। शायद इसलिए कि पारसी काम के मतदाता नहीं हैं। भारत में कुल शायद ७०,००० […]