स्मार्ट शहर, अनपढ़ व्यवहार: क्या हम नागरिक बोध खो चुके हैं? हमारी प्रगति पर एक गंभीर प्रश्नचिह्न— डॉ. अंजुलिका जोशी
आज हम 21वीं सदी के उस दौर में हैं जहाँ शहर ‘स्मार्ट’ हो रहे हैं, सड़कें चौड़ी हो रही हैं और इमारतें आसमान छू रही हैं लेकिन हमारी मानसिता का स्तर दिन पर दिन गिरता जा रहा ह। तकनीक और भौतिक सुख-सुविधाओं की इस चकाचौंध के बीच एक बुनियादी प्रश्न खड़ा होता है—क्या हमारा […]